हरिद्वार में जानलेवा चाइनीस माँझे का खतरा पुलिस के लाख दावों के बाद भी बरकरार, चाइनीस माँझे के खिलाफ पुलिस के दावो पर जनता उठा रही है सवाल,,,,

हरिद्वार- जिले में चाइनीस माँझे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। हरिद्वार, विशेषकर ज्वालापुर क्षेत्र में आज भी चाइनीस माँझे और सादे माँझे का अनुपात लगभग 60 प्रतिशत चाइनीस माँझा और 40 प्रतिशत सादा माँझा बताया जा रहा है, जो आमजन के लिए लगातार गंभीर खतरा बना हुआ है।

शहर की सड़कों, गलियों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह लटकता माँझा किसी भी वक्त दर्दनाक हादसे को न्योता दे सकता है। बाइक सवार, पैदल राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक इसकी चपेट में आ रहे हैं। बीते दिनों में माँझे से गला कटने और गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं सामने आने के बावजूद अवैध चाइनीस माँझे की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पाई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस समय-समय पर कार्रवाई और जागरूकता अभियान की बात तो करती है, लेकिन त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में निगरानी ढीली पड़ जाती है। दुकानों और गुपचुप तरीके से होने वाली बिक्री पर सख्त कार्रवाई न होने से बाजार में जगह-जगह चोरी से चाइनीस माँझा आसानी से उपलब्ध हो रहा है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कड़ी कार्रवाई, नियमित चेकिंग, दुकानदारों पर जुर्माना और दोषियों पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।

शहर की सामाजिक संस्थाओं को शहर में लटकते माँझे को हटाने के लिए विशेष जागरूक अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की जान न गवानी पड़े।
जब तक चाइनीस माँझे पर पूरी तरह रोक नहीं लगती तब तक हरिद्वार की सड़कें और गलियां मे आमजन को सावधानी से सफर करना चाहिए।

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