उत्तराखंड दो मामलों में जमानत के बावजूद जेल से बाहर नहीं आ सकीं यूट्यूबर ज्योति अधिकारी, खटीमा पुलिस ने दाखिल किया वारंट-बी,,,,

हल्द्वानी: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर व यूट्यूबर ज्योति अधिकारी को भले ही हल्द्वानी कोर्ट से दो मुकदमों में जमानत मिल गई हो, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। जमानत आदेश के तुरंत बाद ही खटीमा पुलिस ने हल्द्वानी उप कारागार में वारंट-बी दाखिल कर दिया, जिसके चलते ज्योति अधिकारी को जेल से रिहा नहीं किया जा सका। अब खटीमा पुलिस उन्हें बुधवार को संबंधित न्यायालय में पेश करेगी।
8 जनवरी से न्यायिक हिरासत में थीं ज्योति अधिकारी:
बताया जा रहा है कि 13 जनवरी को सिविल एवं दंड न्यायालय हल्द्वानी के अपर मुख्य सिविल जज (द्वितीय) ने मुखानी थाने में दर्ज दो मामलों में सुनवाई के बाद ज्योति अधिकारी को जमानत दे दी थी। इससे पहले वे 8 जनवरी से न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल में बंद थीं। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं के अपमान सहित गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसको लेकर प्रदेश में काफी विवाद भी देखने को मिला।
आंदोलन के दौरान वीडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद:
दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में ज्योति अधिकारी भी शामिल हुई थीं। इसी दौरान उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें वे खुलेआम हाथ में दरांती लहराती नजर आईं। इसके साथ ही उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप भी लगे।
मुखानी थाने में दर्ज हुई थी शिकायत:
हल्द्वानी निवासी जूही चुफाल ने ज्योति अधिकारी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए मुखानी थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी किया, लेकिन बाद में 8 जनवरी को ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
खटीमा में दर्ज मुकदमे के चलते नहीं मिली रिहाई:
हालांकि मुखानी थाने में दर्ज दो मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन खटीमा कोतवाली में दर्ज एक अन्य मुकदमे को लेकर खटीमा पुलिस ने वारंट-बी दाखिल कर दिया। ज्योति अधिकारी के अधिवक्ताओं के अनुसार, उन्हें 30 हजार रुपये के निजी मुचलकों पर जमानत दी गई है, लेकिन खटीमा प्रकरण के चलते वे जेल से बाहर नहीं आ सकीं। अब खटीमा पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर न्यायालय में पेश करेगी।
अन्य जिलों में भी दर्ज हैं मुकदमे:
गौरतलब है कि मुखानी और खटीमा के अलावा ज्योति अधिकारी के खिलाफ रुद्रपुर और अल्मोड़ा में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी कानूनी प्रक्रिया और भी लंबी चलने की संभावना जताई जा रही है।

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