उत्तराखंड में अब समूह बनाकर भी संचालित हो सकेंगे होमस्टे, नई नियमावली को मंजूरी के साथ ₹15 लाख सब्सिडी का रास्ता साफ,,,

देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में दो अलग-अलग नियमावलियों को आपस में मर्ज (विलय) करते हुए ‘उत्तराखंड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली 2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत अब राज्य के युवा समूह बनाकर भी होमस्टे का संचालन कर सकेंगे, जिसके तहत उन्हें 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।
दो अलग नियमावलियों का हुआ विलय, नियम हुए आसान
इससे पूर्व राज्य में होमस्टे और ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं लागू थीं। पुरानी व्यवस्था के तहत मूल उत्तराखंडी प्रवासियों के लिए होमस्टे योजना में सब्सिडी का प्रावधान था, जबकि बाहरी राज्यों के व्यक्तियों द्वारा किराए के भवन या निजी भूमि पर संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत पंजीकृत किया जाता था। अब सरकार ने दोनों को मर्ज कर प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है।
कमरों की संख्या बढ़कर हुई 8, ऑनलाइन रिन्यूअल की सुविधा
नई नियमावली 2026 के लागू होने से होमस्टे संचालकों को बड़ी राहत मिली है। अब होमस्टे के तहत कमरों की अधिकतम संख्या को 5 से बढ़ाकर 8 कर दिया गया है। इसके अलावा, पंजीकरण के नवीनीकरण (रिन्यूअल) की जटिल प्रक्रिया को खत्म करते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब संचालक जैसे ही ऑनलाइन नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करेंगे, उनका पंजीकरण स्वतः ही रिन्यू मान लिया जाएगा।
‘सामुदायिक होमस्टे’ से पर्वतीय युवाओं को मिलेगा संबल
इस नीति का सबसे अभिनव पहलू ‘सामुदायिक होमस्टे’ (Community Homestay) को शामिल करना है। पर्वतीय क्षेत्रों के ऐसे युवा जो वित्तीय सीमाओं या संसाधनों की कमी के कारण अकेले होमस्टे का संचालन नहीं कर पाते थे, वे अब एक समूह या क्लस्टर बनाकर इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था के तहत नई नियमावली में सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने के बाद समूह को 15 लाख रुपये तक की सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ मिल सकेगा।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है होमस्टे का कुनबा
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड में होमस्टे की कुल संख्या 6 हजार को पार कर चुकी है। हालांकि, विभागीय प्रक्रियाओं के तहत अब तक 1 हजार से अधिक होमस्टे संचालक औपचारिक रूप से अपना पंजीकरण करा चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस सूची में कुमाऊं मंडल का नैनीताल जिला सर्वाधिक पंजीकृत होमस्टे के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार को उम्मीद है कि नई सरल नियमावली के बाद पंजीकरण के ग्राफ में तेजी से उछाल आएगा।

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