May 23, 2026

उत्तराखंड ईंधन की बचत के लिए हाईकोर्ट ने की अनूठी पहल, शुक्रवार को होगी सिर्फ वर्चुअल सुनवाई, वकीलों और स्टाफ को पैदल या कार पूल से आने के निर्देश,,,,

उत्तराखंड ईंधन की बचत के लिए हाईकोर्ट ने की अनूठी पहल, शुक्रवार को होगी सिर्फ वर्चुअल सुनवाई, वकीलों और स्टाफ को पैदल या कार पूल से आने के निर्देश,,,,

नैनीताल। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की खपत को कम करने की दिशा में उत्तराखंड उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने एक बेहद अनूठा और बड़ा कदम उठाया है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के दिशानिर्देशों पर रजिस्ट्रार जनरल द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार के संसाधन बचाने के सुझावों के मद्देनजर नई गाइडलाइंस लागू की गई हैं।

​इस नई व्यवस्था के तहत अब हर शुक्रवार को उच्च न्यायालय में ‘वर्चुअल सुनवाई डे’ (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दिवस) माना जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर ईंधन की बचत करना और नैनीताल की संवेदनशील वादियों में वाहनों के दबाव को कम करना है।

🟢 दूरदराज के वकील केवल वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे

जारी गाइडलाइंस के अनुसार, हल्द्वानी, भवाली और अन्य दूर क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे न केवल शुक्रवार को, बल्कि सप्ताह के अन्य दिनों में भी नैनीताल की यात्रा करने के बजाय वर्चुअल माध्यम (वीसी) से ही अदालत की कार्यवाही में शामिल हों। शुक्रवार को भौतिक रूप से (Physical) कोर्ट आने की छूट केवल उन्हीं वकीलों को होगी जो तकनीकी दिक्कतों के कारण वर्चुअल जुड़ने में असमर्थ हैं या जो पैदल अदालत तक पहुंच सकते हैं।

🟢 स्थानीय वकीलों और स्टाफ को पैदल या कार पूल का निर्देश

नैनीताल के स्थानीय अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट स्टाफ के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में आग्रह किया गया है कि स्थानीय लोग न्यायालय आने-जाने के लिए पैदल मार्ग का ही उपयोग करें। इसके साथ ही, जो लोग थोड़े आसपास के क्षेत्रों से आते हैं, वे अकेले अपने निजी वाहन से आने के बजाय ‘कार पूलिंग’ या ‘कार शेयरिंग’ की व्यवस्था अपनाएं, ताकि सड़क पर वाहनों की संख्या कम की जा सके।

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