August 26, 2026

उत्तराखंड मानसून से पहले पुख्ता हों तैयारियां, 15 नवंबर 2026 तक सभी सड़कें हों गड्ढा मुक्त- मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड मानसून से पहले पुख्ता हों तैयारियां, 15 नवंबर 2026 तक सभी सड़कें हों गड्ढा मुक्त- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले राज्य में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, जनसुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने पिछले वर्ष के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और सभी पुलों, कल्वर्टों, ड्रेनेज सिस्टम व नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को एक बड़ा लक्ष्य देते हुए निर्देश दिया कि मानसून के खत्म होने के बाद 15 नवंबर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को अनिवार्य रूप से गड्ढा मुक्त कर दिया जाए।

🟢 स्वास्थ्य सेवाएं और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि

​मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से अपडेटेड सूची रखें। इन महिलाओं के लिए नजदीकी अस्पतालों के पास ठहरने की सुरक्षित व्यवस्था की जाएगी और आपातकालीन स्थिति में हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।

🟢 संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और मशीनों की तैनाती

​आपदा की दृष्टि से संवेदनशील, भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एक अद्यतन (अपडेटेड) मानचित्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी आकस्मिक भूस्खलन से निपटने के लिए जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और क्रेन जैसी आवश्यक मशीनरी को पहले से ही चिन्हित स्थानों पर तैनात रखा जाएगा। यदि मुख्य मार्ग बाधित होते हैं, तो यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने आवंटित जनपदों का दौरा कर इन तैयारियों का जमीनी निरीक्षण करेंगे।

🟢 24×7 समन्वय और कैंचीधाम बाईपास की शुरुआत

​मौसम की सटीक जानकारी और अलर्ट को ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और हर तहसील में पर्याप्त राहत सामग्री का भंडारण होगा। इसी बैठक के दौरान एक बड़ी राहत की खबर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए नवनिर्मित कैंचीधाम बाईपास को कल से ही आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

🟢 उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना

​बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स (BRICS) डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ (SDRF), यूएलएमएमसी और अन्य सभी सहयोगी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह तकनीकी आधारित कार्यप्रणाली और सतत नवाचारों का ही परिणाम है। बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे।

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