उत्तराखंड नंदादेवी बड़ी जात यात्रा 2026, तिथि पर बनी सहमति, 5 से 30 सितंबर तक आयोजित होगी ऐतिहासिक राज जात यात्रा,,,,

चमोली (उत्तराखंड)। उत्तराखंड की विश्वविख्यात मां नंदादेवी बड़ी जात/राज जात यात्रा 2026 को लेकर लंबे समय से चल रहा असमंजस अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। चमोली जिले स्थित प्रसिद्ध नंदादेवी सिद्धपीठ कुरुड़ के पवित्र प्रांगण में आयोजित एक बृहद बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह ऐतिहासिक यात्रा पूर्व निर्धारित पंचांग गणना और धार्मिक परंपराओं के अनुसार ही 5 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।
12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाली और ‘हिमालयी कुंभ’ के नाम से प्रसिद्ध इस यात्रा की तिथियों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही मां के प्रांगण से यात्रा का औपचारिक बिगुल बज गया है।
484 गांवों के प्रतिनिधि और प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

कुरुड़ सिद्धपीठ में आयोजित इस विशाल बैठक में गढ़वाल के थराली, देवाल, लाता, फर्शवाणफाट, सुतोल, सोल घाटी और नंदाक पट्टी समेत करीब 484 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, बड़ी जात आयोजन समिति के पदाधिकारी और विभिन्न डोलियों के अध्यक्षों ने तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गहन विचार-विमर्श किया।
बैठक में उपस्थित मुख्य प्रतिनिधि
- भूपाल राम टम्टा – विधायक, थराली विधानसभा
- दौलत सिंह बिष्ट – जिला पंचायत अध्यक्ष, चमोली
- हीमा देवी – प्रमुख, नंदानगर
- कर्नल हरेंद्र सिंह रावत – अध्यक्ष, बड़ी जात आयोजन समिति
- नरेश गौड़ – अध्यक्ष, बधाण डोली
- सुखबीर रौतेला – अध्यक्ष, दसोली डोली
- अशोक गौड़ – अध्यक्ष, बंड डोली
- विपिन फर्स्वाण – जिला पंचायत सदस्य, पिलग वार्ड
इसके अतिरिक्त लाता भगवती समिति और दशम द्वार समिति के सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यात्रा की सफलता के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार

बैठक के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा के सुगम संचालन को लेकर ठोस रूपरेखा बनाई गई। प्रमुख व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई:
- मार्ग निर्धारण एवं मरम्मत: पैदल यात्रा मार्गों और पड़ावों का समयबद्ध सुदृढ़ीकरण।
- अवस्थापना सुविधाएं: पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, भोजन और प्रकाश व्यवस्था।
- सुरक्षा एवं स्वास्थ्य: दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस और पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती।
- स्थानीय समन्वय: यात्रा पड़ावों पर स्थानीय समितियों और स्वयंसेवकों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपना।
जनप्रतिनिधियों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
बैठक में थराली विधायक भूपाल राम टम्टा और जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर बुनियादी ढांचा मजबूत करने और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हर संभव सरकारी व प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस भव्य आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन व जनता मिलकर काम करेगी।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है ‘हिमालयी कुंभ’
नंदादेवी राज जात यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गढ़वाल और कुमाऊं की सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और प्रगाढ़ आस्था का महापर्व है। 12 वर्षों के अंतराल पर होने वाली यह पैदल यात्रा पर्वतीय जीवनशैली और देवी परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। तिथियों के स्पष्ट होते ही पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और विभिन्न डोली समितियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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