September 11, 2026

उत्तराखंड हरिद्वार में अखाड़े में मुनीम को कोठारी बनाने पर विवाद, महंतो ने लगाया आरोप,,,

उत्तराखंड हरिद्वार में अखाड़े में मुनीम को कोठारी बनाने पर विवाद, महंतो ने लगाया आरोप,,,

​हरिद्वार। कुंभ से पहले अखाड़ों में बिना आयोजन कुश्ती का दौर चल रहा है. बृहस्पतिवार को इसी तरह का एक और मामला सामने आया जब श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के संतों ने अखाड़े के मुनीम को कोठारी नियुक्त किए जाने पर गहरा एतराज जताया है. संतों ने इस निर्णय को अखाड़ा और संत परंपरा के विपरीत बताया है. उन्होंने अखाड़ा परिषद, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का ऐलान किया है. इसमें प्रमुखता में पंजाब से आए अखाड़े के मुखिया महंत ने बयान जारी कर मामले को और गरम कर दिया है.

🔴 दूसरे धड़े के महंतो ने लगाया आरोप 

आरोप लगाने वाले संतों का अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। मुनीम को अखाड़ा में कोठारी नियमानुसार ही बनाया गया है। नितिन पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से अखाड़े की सेवा में है। इसके साथ ही वह शादीशुदा भी नहीं है। आरोप लगाने वाले लोग अखाड़े को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इस पूरे प्रकरण को एक दूसरा गुट धार दे रहा है, रही बात किसी के आरोप प्रत्यारोप की तो इसकी चिंता न करते हुए भगवत भजन और अध्यात्म के उत्थान की दिशा में कार्य करना चाहिए – मुखिया महंत भगतराम, श्रीपंचायती नया उदासीन अखाड़ा।

​महंत भगतराम ने अखाड़े के मुनीम को कोठारी नियुक्त किया है। महंत छोटूराम ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अखाड़े के नियमों के अनुसार किसी गृहस्थ को इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती। महंत भगतराम का निर्णय अखाड़े के नियमों और संत परंपरा के सरासर खिलाफ है। अखाड़ा किसी की निजी संपत्ति नहीं है। इसलिए ऐसे एकतरफा निर्णय नहीं लिए जा सकते हैं।

​उन्होंने महंत भगतराम पर अखाड़े की संपत्ति खुर्दबुर्द करने का आरोप भी लगाया। महंत छोटूराम ने स्पष्ट किया कि अखाड़े के संत महंत नियमों और परंपरा के खिलाफ लिए गए इस निर्णय को स्वीकार नहीं करेंगे। वृंदावन से आए फलाहारी बाबा ने कहा कि अखाड़ों का गठन धर्म रक्षा के लिए हुआ है। उनके संचालन के लिए नियम बनाए गए हैं।

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