उत्तराखंड मसूरी शरदोत्सव-2026 का रंगारंग समापन, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण के जागर गायन से गूंजा पहाड़ों की रानी का माहौल,,,

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में आयोजित पांच दिवसीय ऐतिहासिक ‘शरदोत्सव-2026’ का समापन अत्यंत भव्य और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हो गया। इस पांच दिवसीय महाउत्सव के अंतिम दिन लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का मन मोह लिया।
जागर सम्राट की प्रस्तुति ने बांधा समां

समापन समारोह की सबसे बड़ा आकर्षण उत्तराखंड के प्रसिद्ध पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियां रहीं। उनके द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक जागर गायन के दौरान देवताओं के आह्वान से जुड़ा लोक परंपरा का जीवंत दृश्य देखने को मिला। ढोल-डमाऊ और हुड़के की थाप पर गूंजे देवी-देवताओं के जयकारों से पूरा माहौल पूरी तरह भक्तिमय और आध्यत्मिक हो गया। श्रोता भी मंत्रमुग्ध होकर इस सांस्कृतिक धारा में सराबोर नजर आए।
लोक संगीत और व्यंजनों का लुत्फ
नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस पांच दिवसीय शरदोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्यों और संगीत की बेहतरीन छटा देखने को मिली। उत्सव के दौरान लगाए गए पारंपरिक एवं प्रसिद्ध पहाड़ी व्यंजनों के फूड स्टॉल्स भी लोगों के बीच खासे आकर्षण का केंद्र रहे, जहां पर्यटकों ने स्थानीय जायकों का भरपूर आनंद लिया।
संस्कृति और कला का अनूठा मंच

आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक दलों, कलाकारों और बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांधा। स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर इस मेले में हिस्सा लिया। आयोजकों ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। अंततः पारंपरिक गीतों और लोक परंपराओं के साथ पांच दिवसीय इस प्रतिष्ठित शरदोत्सव को अगले साल तक के लिए विदाई दे दी गई।

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