October 15, 2026

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मिली 100 एमबीबीएस सीटों की सौगात, सत्र 2027-28 से शुरू होगी पढ़ाई,,,,,,

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मिली 100 एमबीबीएस सीटों की सौगात, सत्र 2027-28 से शुरू होगी पढ़ाई,,,,,,

देहरादून, उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा ढांचे को एक और बड़ा विस्तार मिला है। ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित पंडित रामसुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों के संचालन का औपचारिक मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने के बाद राज्य के चिकित्सा गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए इसे प्रदेश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराने के अपने संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रही है।

​एमबीबीएस की सीटों में होगा इजाफा

​वर्तमान समय में उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 675 सीटें उपलब्ध हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 100 नई सीटों के जुड़ने से राज्य में सरकारी कोटे की सीटों की कुल संख्या बढ़कर 775 हो जाएगी। इससे उत्तराखंड के मूल निवासी युवाओं को चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करने के और अधिक और सुलभ अवसर प्राप्त होंगे।

​तराई और कुमाऊं क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ

​इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा, बल्कि तराई और कुमाऊं क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में भी अभूतपूर्व सुधार आएगा। स्थानीय मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब बड़े शहरों या अन्य राज्यों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुपर-स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

​स्थानीय स्तर पर दिखा जश्न का माहौल

​रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों पर मुहर लगने की खबर मिलते ही स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल बन गया। विधायक शिव अरोड़ा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के साथ जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।

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