March 15, 2026

उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: 85% सुरंगों से गुजरेगी, हिमालयी कनेक्टिविटी में क्रांति, सैलानियों को दिखेंगे प्रकृति के दुर्लभ नज़ारे,,,

उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: 85% सुरंगों से गुजरेगी, हिमालयी कनेक्टिविटी में क्रांति, सैलानियों को दिखेंगे प्रकृति के दुर्लभ नज़ारे,,,

ऋषिकेश: प्रेस इन्फोर्मेशन ब्यूरो भुवनेश्वर की ओर से मीडिया प्रतिनिधिमंडल को रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट साइट का भ्रमण कराया गया।

आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुड़ी ने आए सदस्यों को महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) मालगुड़ी ने स्वागत किया।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना को हिमालयी क्षेत्र में शुरू की गई सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में से एक माना जाता है और इसका उद्देश्य उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करना है।

कहा कि 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।

यह परियोजना उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरती है, जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

कहा कि रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जिससे यह देश के सबसे ज्यादा सुरंगों वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक है।

इस प्रोजेक्ट में 100 किलोमीटर से ज्यादा लंबी 16 बड़ी सुरंगों का निर्माण शामिल है। साथ ही गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई पुल भी बनाए जा रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने खुदाई के पैमाने और हिमालयी चट्टानों को काटकर रेलवे सुरंगें बनाने में इस्तेमाल की गई सटीक इंजीनियरिंग को करीब से देखा।

इस दौरान पीआइबी भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र जेना, सूचना सहायक विकास रंजन दलाई, पीआइबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंदरियाल मौजूद रहे।

Share