उत्तराखंड ऑनलाइन लेनदेन में ग्राहक की लापरवाही पर बैंक नहीं होगा जिम्मेदार, PNB और Google Pay को राज्य आयोग ने दी राहत,,,,
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देहरादून: डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे ही एक अहम प्रकरण में उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पंजाब नेशनल बैंक और Google Pay को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। आयोग ने साफ किया है कि यदि ऑनलाइन लेनदेन में नुकसान उपभोक्ता की असावधानी के कारण हुआ है, तो इसके लिए बैंक या डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
यह मामला हरिद्वार निवासी सचिन कुमार से जुड़ा है। सचिन ने नवंबर 2020 में अपने बैंक खाते से Google Pay के माध्यम से लेनदेन किया था। शिकायत के अनुसार 26 नवंबर को उन्होंने 25 हजार रुपये ट्रांसफर करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रांजेक्शन असफल दिखा। इसके बावजूद खाते से राशि कटने का दावा किया गया।
इसके बाद पीड़ित को कुछ संदिग्ध संदेश प्राप्त हुए और अगले दो दिनों के भीतर उनके खाते से कई बार राशि निकाली गई। इस पूरी घटना में कुल 1 लाख 6 हजार 500 रुपये उनके खाते से डेबिट हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर सचिन ने पहले बैंक में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन संतोषजनक समाधान न मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का रुख किया।
जिला आयोग ने बैंक को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित को राशि लौटाने का आदेश दिया था। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। राज्य आयोग में हुई सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सभी संदिग्ध लेनदेन उपभोक्ता के अपने मोबाइल फोन से ही किए गए थे।
राज्य उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि मोबाइल फोन, ओटीपी, पासवर्ड और यूपीआई पिन की सुरक्षा पूरी तरह उपभोक्ता की जिम्मेदारी होती है। यदि इन जानकारियों की गोपनीयता बनाए रखने में चूक होती है, तो इसके लिए बैंक या डिजिटल पेमेंट ऐप को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि Google Pay जैसे प्लेटफॉर्म पर सही यूपीआई पिन के बिना कोई भी लेनदेन संभव नहीं है। ऐसे में यह माना जाएगा कि सभी ट्रांजेक्शन उपभोक्ता की जानकारी में ही हुए हैं। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि वहां साक्ष्यों और तथ्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब नेशनल बैंक, देहरादून के जोनल अधिकारी अनुपम ने कहा कि यह आदेश डिजिटल लेनदेन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा कि तकनीक सुरक्षित है, लेकिन उसका सही और सतर्क उपयोग करना उपभोक्ता की जिम्मेदारी है।
PNB अधिकारियों के अनुसार बैंक की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली मजबूत है और डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह फैसला उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की चेतावनी भी देता है। मोबाइल की सुरक्षा, यूपीआई पिन की गोपनीयता और संदिग्ध कॉल या संदेशों से दूरी बनाए रखना ही ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
पंजाब नेशनल बैंक, देहरादून ने राज्य उपभोक्ता आयोग के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय इस बात की पुष्टि करता है कि बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित हैं और ग्राहकों द्वारा अपनी जानकारी साझा करने या किसी अनजान व्यक्ति के निर्देशों का पालन करने से होने वाले नुकसान के लिए बैंक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बैंक ने ग्राहकों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अपनाने की अपील की है।

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