January 15, 2026

उत्तराखंड में सभी सरकारी विद्यालयों को लेकर हुए बड़े फैसले से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और एकरूपता में होगा सुधार,,,,

उत्तराखंड में सभी सरकारी विद्यालयों को लेकर हुए बड़े फैसले से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और एकरूपता में होगा सुधार,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (एससीएफ) की अनुशंसा के तहत राज्यभर के सरकारी विद्यालयों की समयसारिणी एक समान करने का फैसला किया है।

इसके अनुसार अब शीतकालीन और ग्रीष्मकाल में विद्यालयों के खुलने-बंद होने के समय में कोई अंतर नहीं रहेगा। नये प्रविधानों के तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालय सुबह 8.50 बजे खुलेंगे और दोपहर 3.15 बजे छुट्टी होगी। विद्यालयों में प्रतिदिन सुबह 25 मिनट की प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जबकि दोपहर में 40 मिनट का इंटरनल अवकाश निर्धारित किया गया है। यह निर्णय बुधवार को एससीईआरटी सभागार में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एससीईआरटी की निदेशक ने की।

नई पाठ्यचर्या व्यवस्था के तहत अब शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य रूप से कम से कम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित किए गए हैं। इसके चलते शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन दीर्घ अवकाशों में कटौती करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। नई समयसारिणी शीतकालीन अवकाश के बाद कुछ विद्यालय में माडल के रूप में 16 जनवरी से आरंभ किया जा रहा है।

वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में औसतन 200 दिन भी पढ़ाई नहीं हो पा रही है, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (एनईपी-2020) के अनुसार न्यूनतम 220 कार्यदिवस आवश्यक हैं।

बैठक में एससीईआरटी के अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी, सीमेट के विशेषज्ञ डॉ. मोहन बिष्ट, डॉ अंकित जोशी, डॉ रमेश बड़ोनी सहित माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार रखे। अधिकारियों का मानना है कि नई समयसारिणी और पाठ्यचर्या व्यवस्था से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और एकरूपता में सुधार होगा।

इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि कक्षा 11 से छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी। इससे विद्यार्थी अपनी अभिरुचि और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन कर सकेंगे। अभी तक ग्रीष्मकालीन समय सारणी के अनुसार विद्यालय सुबह 9.15 पर खुलते हैं और 3.30 बजे छुट्टी होती है।

एससीईआरटी की निदेशक बंदना गर्ब्याल ने संपर्क करने पर बताया कि एनईपी के तहत प्रतिदिन न्यूनतम छह घंटे 25 मिनट का कार्यदिवस तय किया गया है, जो विद्यालयों की कार्य संस्कृति और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा।

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