उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 से अब सैर-सपाटे के लिए आने वाले पर्यटक वाहनों का भी बनेगा ‘ग्रीन कार्ड, 19 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया,,,,,

देहरादून: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों के साथ ही गढ़वाल मंडल में आने वाले पर्यटकों के वाहनों को भी ग्रीन-कार्ड बनवाना होगा।
पहले केवल श्रद्धालुओं के व्यावसायिक वाहनों के लिए ही ग्रीन-कार्ड बनवाने की अनिवार्यता थी, लेकिन पिछले वर्ष से सरकार ने ट्रेकिंग, कैंपिंग और अन्य साहसिक पर्यटन के लिए काणाताल, केदारकांठा, चोपता, देवरिया ताल, पंवालीकांठा, हर्षिल, सतोपंत, फूलों की घाटी जैसे पर्यटक स्थल आने वाले पर्यटकों के वाहनों को लेकर भी परिवहन विभाग से ग्रीन-कार्ड बनाने का नियम लागू कर दिया था।
आरटीओ (प्रशासन) देहरादून संदीप सैनी ने बताया कि दुर्घटना नियंत्रण व वाहन की पूरी जानकारी जुटाने के दृष्टिगत यह कदम उठाया गया है।
बता दें कि, चारधाम यात्रा के दौरान 15 जून-2024 को दिल्ली से चोपता ट्रेकिंग के लिए जा रहे पर्यटकों का टैंपो ट्रेवलर ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरा था, जिसमें 16 यात्रियों की मृत्यु हो गई थी। जांच में सामने आया था कि पर्यटक देर रात दिल्ली से चले थे व चालक लगातार वाहन चला रहा था।
पर्यटक वाहनों के लिए ग्रीन-कार्ड लेने की अनिवार्यता नहीं होने से न तो इन वाहनों की फिटनेस की जांच हो पाती थी और न इनके चालकों के पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाने के अनुभव के बारे में परिवहन विभाग को कुछ पता होता था। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लिहाजा, परिवहन विभाग ने पिछले साल पर्यटक वाहनों के लिए भी ग्रीन-कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया था।
चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी व आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि इस व्यवस्था से सबसे बड़ा लाभ यह हुआ था कि पर्वतीय मार्ग पर जाने से पहले वाहन की फिटनेस जांच हो रही व चालक को पर्वतीय मार्ग का अनुभव है या नहीं, यह जानकारी भी परिवहन विभाग के पास होती है।
ग्रीन-कार्ड बनाने के चूंकि वाहन को परिवहन कार्यालय लाना पड़ता है। ऐसे में चालक को लंबी यात्रा की अवधि में कुछ देर विश्राम भी मिल जाता है। आरटीओ ने बताया कि यह अनिवार्यता पर्यटकों के 13 सीटर या इससे ऊपर यात्री क्षमता वाले वाहनों के लिए होगी और इनके ग्रीन-कार्ड की अवधि 15 दिन की होगी।
मार्च के अंतिम हफ्ते बनेंगे ग्रीन-ट्रिप कार्ड
चारधाम यात्रा पर जाने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए परिवहन विभाग के समस्त कार्यालयों में मार्च के अंतिम सप्ताह से ग्रीन कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए वाहनों को फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। यह टेस्ट पास करने के बाद ही व्यावसायिक वाहनों को ग्रीन कार्ड मिलेगा।
निजी वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड-ट्रिप कार्ड की कोई बाध्यता नहीं है। सभी परीक्षणों पर खरा उतरने के बाद ही व्यावसायिक वाहन स्वामी को greencard.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर ग्रीन कार्ड प्रदान कर दिया जाएगा।
इस कार्ड के बाद प्रत्येक ट्रिप को लेकर वाहन स्वामी को ट्रिप कार्ड लेना होता है। ट्रिप कार्ड में यात्रियों के नाम-पते, मोबाइल नंबर, चालक का नाम-पता व यात्रा की तिथि आदि की पूरी जानकारी होती है। यह भी परिवहन विभाग की वेबसाइट greencard.uk.gov.in पर दिए गए लिंक से ऑनलाइन प्राप्त होगी।

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