September 1, 2025

उत्तराखंड भारी बारिश के रेड-ऑरेंज अलर्ट पर मुख्यमंत्री धामी की सख्त चेतावनी – “हर हाल में जनता की सुरक्षा हो सुनिश्चित” निर्देश जारी,,,,

उत्तराखंड भारी बारिश के रेड-ऑरेंज अलर्ट पर मुख्यमंत्री धामी की सख्त चेतावनी – “हर हाल में जनता की सुरक्षा हो सुनिश्चित” निर्देश जारी,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा आगामी तीन दिनों के लिए जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत एवं बचाव तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 24×7 सतर्कता बनाए रखी जाए और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।

“मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह समय संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भावना के साथ कार्य करने का है। राज्य सरकार जनता के साथ हर कदम पर खड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संभावित आपदा क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “राज्य आपदा प्रबंधन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को फील्ड में जाकर कार्य करना होगा, ताकि वास्तविक जरूरतों का आंकलन कर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।”

आपदा प्रभावितों के पुनर्वास पर विशेष बल

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों के साथ सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी उनके साथ जुड़ी है। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि जिन लोगों के घर आपदा में नष्ट हो गए हैं, उनके त्वरित पुनर्वास के लिए मैदानी जनपदों में पुनर्वास स्थलों की पहचान की जाए और कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

तमक में बैली ब्रिज निर्माण को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे पर स्थित तमक नाले में बहे पुल के मामले में भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इस मार्ग पर शीघ्र बैली ब्रिज तैयार कर यातायात बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बीआरओ को राज्य सरकार की ओर से किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वह तुरंत उपलब्ध कराई जाए।

गंगोत्री हाइवे और नदी सुरक्षा पर फोकस

चारधाम यात्रा मार्गों की स्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि गंगोत्री हाइवे को यात्रा शुरू होने से पहले पूर्णतः सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होते ही सभी सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएं, जिसमें किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी।

हर्षिल और स्यानाचट्टी क्षेत्रों में बनी अस्थायी झीलों को लेकर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देशित किया कि झील के जलस्तर पर 24×7 निगरानी रखी जाए, और जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने स्यानाचट्टी में बिजली, पानी और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नदियों के जलस्तर पर रात्रि में भी निगरानी आवश्यक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रात्रिकाल में भी पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर पर गहन निगरानी रखी जाए और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।

01 और 02 सितंबर के लिए भारी वर्षा की चेतावनी

मौसम विभाग ने 1 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यंत भारी वर्षा, गर्जन और आकाशीय बिजली की संभावना है।
वहीं अन्य जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
2 सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन, डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव लोनिवि पंकज पांडे, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, मंडलायुक्त विनय शंकर पांडे और दीपक रावत वर्चुअली बैठक से जुड़े।

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