January 14, 2026

उत्तराखंड खटीमा की जनसभा में गरजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच पर किया सीधा प्रहार,,,,

उत्तराखंड खटीमा की जनसभा में गरजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच पर किया सीधा प्रहार,,,,

खटीमा: खटीमा में आज मंच सिर्फ विकास परियोजनाओं का नहीं था, बल्कि यह मंच बना सियासी संदेश, सांस्कृतिक चेतावनी और सनातन की रक्षा के संकल्प का। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप बस स्टेशन सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे राजनीतिक माहौल की दिशा तय कर दी।

मुख्यमंत्री धामी जब जनता को संबोधित करने खड़े हुए, तो उनका अंदाज़ अलग था तेज, स्पष्ट और पूरी तरह आक्रामक। यह भाषण केवल सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा नहीं था, बल्कि कांग्रेस की राजनीति पर सीधा हमला और सनातन संस्कृति के पक्ष में खुला ऐलान था।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच शुरू से ही सनातन विरोधी रही है। सत्ता की राजनीति में कांग्रेस ने बार-बार तुष्टिकरण का रास्ता अपनाया और समाज को बांटने का काम किया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए देवभूमि की आत्मा तक से समझौता किया। मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल की ओर इशारा करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया, जिसके तहत उत्तराखंड की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की गई। अवैध तरीके से बाहरी तत्वों को बसाया गया, ताकि सांस्कृतिक संतुलन कमजोर हो और देवभूमि की पहचान पर चोट पहुंचे। मुख्यमंत्री के शब्दों में—यह सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति के खिलाफ साजिश थी।

अपनी ‘धर्म रक्षक’ की छवि को और स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जो लोग जिहादी मानसिकता या षड्यंत्रकारी सोच के साथ कानून को चुनौती देते हैं, उनके खिलाफ बिना किसी नरमी के कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने लैंड जिहाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। अवैध रूप से बनी मजारों पर बुलडोजर चला है। धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर साजिश रचने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है ताकि आस्था सुरक्षित रहे और देवभूमि की संस्कृति पर कोई आंच न आए।

मुख्यमंत्री धामी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केवल संस्कृति ही नहीं, बल्कि भविष्य भी सुरक्षित किया है। सख्त नकल विरोधी कानून से युवाओं का भविष्य बचाया गया। समान नागरिक संहिता लागू कर मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को कानूनी गारंटी दी गई। उनके मुताबिक, ये फैसले तुष्टिकरण नहीं, बल्कि न्याय और समानता की राजनीति का प्रतीक हैं।

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा सियासी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की नींद उड़ी हुई है। कांग्रेस जान चुकी है कि आदरणीय के नेतृत्व, जनविश्वास और मजबूत निर्णयों के साथ भाजपा 2027 में फिर से हैट्रिक लगाने जा रही है। खटीमा की इस सभा से साफ संकेत मिला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद को सिर्फ एक प्रशासक के रूप में नहीं बल्कि देवभूमि के धर्म रक्षक के रूप में स्थापित कर रहे हैं और साथ ही कांग्रेस के उस दौर को भी बेनकाब कर रहे हैं, जिसे वे उत्तराखंड की संस्कृति और अस्मिता के लिए सबसे खतरनाक मानते हैं।

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