February 24, 2026

उत्तराखंड खानपुर विधायक उमेश कुमार पर मातृ सदन ने लगाए तीखे आरोप,“विधायक नहीं, खनन माफिया की तरह काम कर रहे हैं – उमेश कुमार”

उत्तराखंड खानपुर विधायक उमेश कुमार पर मातृ सदन ने लगाए तीखे आरोप,“विधायक नहीं, खनन माफिया की तरह काम कर रहे हैं – उमेश कुमार”

 

 

हरिद्वार: प्रदेश में अवैध खनन को लेकर जारी विवादों के बीच मातृ सदन ने खानपुर विधायक उमेश कुमार पर सीधा हमला बोला है। संस्था ने आरोप लगाया है कि हरिद्वार में अवैध खनन का पूरा नेटवर्क विधायक के संरक्षण में चल रहा है और वह लगातार माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।

🔴 सीधी शह के बिना अवैध खनन संभव नहीं”- मातृ सदन

मातृ सदन के साधक ब्रह्मचारी सुधानंद ने कहा:

 “विश्वसनीय स्रोतों से यह पुष्टि हुई है कि हरिद्वार में चल रहा अवैध खनन विधायक उमेश कुमार की अनुमति और संरक्षण के बिना संभव ही नहीं है। वह जनप्रतिनिधि कम, खनन माफियाओं के संरक्षक अधिक प्रतीत होते हैं।”

 

🔴 भांजे का नाम उछला, स्टोन क्रेशर पर भी सवाल

सूत्रों के मुताबिक वानिया स्टोन क्रेशर, जिसके सह-मालिक बताए जा रहे प्रवीण साहनी (विधायक के भांजे) और पूर्व प्रधान साधुराम, बड़े पैमाने पर अवैध खनन में लिप्त हैं।
बताया गया है कि रात के समय कई पोकलैंड मशीनों से अवैध खनन करवाया जा रहा है।

 

🔴सीएम की आड़ लेकर दबाव बनाने का आरोप

मातृ सदन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

 “विधायक उमेश कुमार मुख्यमंत्री की आड़ लेकर प्रशासन पर दबाव बनाते हैं और कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। यह सत्ता का दुरुपयोग ही नहीं, बल्कि संविधान, न्यायालय और जनता तीनों का अपमान है।”

 

🔴 हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की चेतावनी

संस्था ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी तो मातृ सदन विधायक के खिलाफ सीधे उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल करेगा।

“इस बार सारे काले कारनामे और काली कमाई अदालत में उजागर की जाएगी।”

 

🔴 किसी दबाव में नहीं झुकेगा मातृ सदन

संस्था ने कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण और जनहित के मुद्दे पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगी।

“विधायक चाहे जितना प्रभाव लगा लें, लेकिन प्रकृति और कानून को नष्ट करने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी।”

 

🔴 मामले ने पकड़ा जोर- प्रशासन और राजनीति में हलचल

इस बयान के बाद हरिद्वार में राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इसमें क्या कदम उठाता है और क्या मामला हाईकोर्ट तक पहुंचता है।

विधायक उमेश कुमार की ओर से इस बयान पर अब तक नहीं आयी कोई प्रतिक्रिया।

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