February 25, 2026

उत्तराखंड न्यायालय से प्रतिबंधित भूमि की फर्जी रजिस्ट्री पर प्रशासन सख्त, प्रतिबंधित भूमि बेचने और खरीदने वाले दोषियों पर एफआईआर के निर्देश- सविन बंसल 

उत्तराखंड न्यायालय से प्रतिबंधित भूमि की फर्जी रजिस्ट्री पर प्रशासन सख्त, प्रतिबंधित भूमि बेचने और खरीदने वाले दोषियों पर एफआईआर के निर्देश- सविन बंसल 


देहरादून: माननीय न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े गंभीर फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित भूमि के खरीदारों और विक्रेताओं के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि इस प्रकार के अन्य सभी मामलों की भी गहन जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, को फर्जी अभिलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया। पीड़ित पक्ष द्वारा विलेख संख्या 8614/2025 एवं 8615/2025 के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि पीएसीएल (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से जुड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। विक्रेता द्वारा भूमि का वास्तविक विवरण छिपाते हुए रजिस्ट्री कराई गई, जबकि भूमि पहले से ही विवादित एवं न्यायालय के आदेशों के अधीन थी। यह कार्य स्पष्ट रूप से न्यायालयीय आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है।
सूत्रों के अनुसार, उक्त भूमि का संबंध कथित रूप से गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से भी बताया जा रहा है, जिन पर पूर्व से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून एवं एसडीएम सदर को संबंधित विलेखों की पुनः जांच करने के आदेश दिए गए हैं। यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज के आदेश पारित हुए हैं, तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सब रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका भी जांच के दायरे में
रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा 83 के अंतर्गत कूट रचना कर पंजीकरण कराने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दी गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सब रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण संभावित
प्रशासनिक स्तर पर कठोर कार्रवाई की संभावना जताई गई है। साथ ही ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण भी शीघ्र कराया जा सकता है।

🟢 जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा है और भविष्य में ऐसे अवैध भूमि सौदों पर प्रभावी अंकुश लगने मे मिल का पत्थर साबित होगा।

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