उत्तराखंड में फिर हुई आपदा की आशंका, हर्षिल में पहाड़ टूटने से झील बनने का खतरा, आस पास के कई गांवों में दहशत का माहौल,,,,

उत्तरकाशी (देहरादून): उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हर्षिल में तेलगाड के मुहाने पर पहाड़ टूटने से जलधारा का प्रवाह रुक गया है, जिससे झील बनने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए हर्षिल और निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। इस घटना से स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया है।
बताया गया कि पहाड़ टूटने से पहले क्षेत्र में मलबा और पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे संकेत मिलते हैं कि झील बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि समय रहते पानी का प्रवाह बहाल नहीं हुआ तो यह झील कभी भी टूटकर बड़ी आपदा का कारण बन सकती है। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने लोगों से सतर्क रहने और उच्च स्थानों पर रहने की अपील की है।
इधर, उत्तरकाशी के अन्य इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं। बड़कोट नगरपालिका क्षेत्र के छाटांगा गांव में लगातार हो रहे भू-धंसाव से आधा दर्जन से अधिक घर प्रभावित हो चुके हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पूरण सिंह रावत ने बताया कि लोग डर के मारे रात भर सो नहीं पा रहे हैं और कुछ परिवार तो घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं ताकि और नुकसान रोका जा सके।
मदेश गांव में भी स्थिति भयावह बनी हुई है। गांव के आगे और पीछे भूस्खलन हो रहा है, वहीं सहायक नदी के तेज कटाव से गांव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अमिता पंवार ने चेतावनी दी है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो पूरा गांव प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार चेतावनियों और घटनाओं के बावजूद प्रशासन की सक्रियता न के बराबर है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह आपदा विकराल रूप ले सकती है।

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