October 18, 2026

प्रियागोल्ड बिस्किट में बड़ा खुलासा, इंसानों की सेहत से खिलवाड़, फाइबर के नाम पर मिलाया जा रहा था पशु आहार,,,,,

प्रियागोल्ड बिस्किट में बड़ा खुलासा, इंसानों की सेहत से खिलवाड़, फाइबर के नाम पर मिलाया जा रहा था पशु आहार,,,,,

​नई दिल्ली, देश के मशहूर ‘प्रियागोल्ड’ बिस्किट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड (Surya Food & Agro Ltd) एक बड़े खाद्य सुरक्षा विवाद में घिर गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की उच्च-स्तरीय जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कंपनी पर आरोप है कि वह अपने बिस्किट उत्पादों में इंसानों के खाने के लिए प्रतिबंधित पशु आहार (एनिमल फीड) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही थी।

​बिस्कुट में हो रहा था चोकर का अवैध इस्तेमाल

नियामक की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी बिस्किट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के नाम पर पशुओं को खिलाए जाने वाले चोकर (Bran) का उपयोग कर रही थी। जांच के दौरान मौके पर ऐसे कट्टे और सामग्री बरामद हुई है, जिन पर साफ तौर पर यह अंकित था कि वे केवल पशु आहार के लिए हैं। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मानव उपभोग के लिए निर्धारित मानकों के विपरीत इस तरह के कच्चे माल का उपयोग आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

​प्लांट में मिलीं गंभीर स्वच्छता और भंडारण खामियां

जांच दल ने जब कंपनी के निर्माण संयंत्र (Manufacturing Plant) का औचक निरीक्षण किया, तो वहां प्रशासनिक और साफ-सफाई के बुनियादी नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आईं। प्लांट में कच्चे माल के भंडारण के लिए कोई वैज्ञानिक और स्वच्छ व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, कीट नियंत्रण (Pest Control) और हाइजीन के मानकों में भारी लापरवाही पाई गई, जिससे उत्पादित खाद्य सामग्री के दूषित होने का खतरा कई गुना बढ़ गया था।

​FSSAI ने उठाया कड़ा कदम, कंपनी पर दर्ज हुआ मुकदमा

जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए FSSAI ने कड़ा रुख अपनाया है। नियामक ने पहले ही कंपनी के संबंधित प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर दिया था, और अब कंपनी के खिलाफ अदालत में औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या बड़ी कंपनियां मुनाफे के चक्कर में आम लोगों की जिंदगी दांव पर लगा रही हैं।

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