October 23, 2026

लेखक गांव’ में 26 तारीख से सजेगा साहित्यिक महाकुंभ, डॉ. आरुषी निशंक के संयोजन में जुटेंगे देश-विदेश के दिग्गज,,,,,,

लेखक गांव’ में 26 तारीख से सजेगा साहित्यिक महाकुंभ, डॉ. आरुषी निशंक के संयोजन में जुटेंगे देश-विदेश के दिग्गज,,,,,,

 देहरादून, उत्तराखंड की हसीन वादियों में बसे देश के पहले ‘लेखक गांव’ (थानो, देहरादून) में आगामी 26 तारीख से तीन दिवसीय भव्य अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं संस्कृति महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ीं डॉ. आरुषी निशंक तथा स्पर्श हिमालय फाउंडेशन की देखरेख और संयोजन में यह प्रतिष्ठित आयोजन आयोजित किया जाएगा।

​ अंतरराष्ट्रीय मंच पर होगा कला और विचारों का आदान-प्रदान

​इस तीन दिवसीय साहित्यिक कुंभ में देश-विदेश के कई जाने-माने साहित्यकार, कवि, आलोचक, पर्यावरणविद और सांस्कृतिक विशेषज्ञ एक साथ मंच साझा करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य साहित्य के माध्यम से वैश्विक संवाद स्थापित करना और रचनात्मक सोच को एक नई दिशा प्रदान करना है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में समकालीन साहित्य से लेकर संस्कृति, कला और वैश्विक मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा​ काव्य गोष्ठी, पुस्तक विमोचन और विविध सांस्कृतिक सत्र

​काव्य गोष्ठी व संवाद, देश के प्रमुख कवियों का काव्य-पाठ और समकालीन ज्वलंत विषयों पर विचार-विमर्श।

​पुस्तक लोकार्पण,वरिष्ठ एवं नए लेखकों की नई पुस्तकों का विमोचन व उन पर परिचर्चा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां,उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य और कला की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंग

​ हिमालयी धरोहर और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण पर विशेष ध्यान

​इस महोत्सव का एक प्रमुख केंद्र बिंदु हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय बोलियों/भाषाओं का संरक्षण रहेगा। संवाद सत्रों के जरिए गढ़वाली, कुमाऊंनी तथा देश की अन्य आंचलिक भाषाओं के प्रसार और उन्हें आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

​ डॉ. आरुषी निशंक ने कहा— ‘लेखक गांव’ सृजन और शांति का केंद्र

​आयोजन की मुख्य संयोजिका डॉ. आरुषी निशंक ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ‘लेखक गांव’ सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि विचार-प्रवाह और शांतिपूर्ण चिंतन का वैश्विक केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव न केवल स्थापित साहित्यकारों के लिए अनुभव साझा करने का मंच बनेगा, बल्कि नए और उभरते रचनाकारों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगा।

​ जानिए क्या है ‘लेखक गांव’

​पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की परिकल्पना से निर्मित यह ‘लेखक गांव’ प्राकृतिक और एकांत वातावरण में लेखकों, शोधकर्ताओं और कलाकारों को लेखन और सृजन का माहौल उपलब्ध कराता है। यहाँ अत्याधुनिक पुस्तकालय, लेखक कुटीर, ध्यान-योग केंद्र और कला दीर्घा की व्यवस्था की गई है।

 26 तारीख से शुरू होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय उत्सव को लेकर साहित्य प्रेमियों और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है, और इसमें भारी संख्या में देश-विदेश से प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है।

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