February 14, 2026

उत्तराखंड की राजधानी में हुए शूटआउट का मिला हरिद्वार कनेक्शन, किराए के वाहनों से पहुंचे शूटर, पुलिस ने की संयुक्त घेराबंदी,,,,,,

उत्तराखंड की राजधानी में हुए शूटआउट का मिला हरिद्वार कनेक्शन, किराए के वाहनों से पहुंचे शूटर, पुलिस ने की संयुक्त घेराबंदी,,,,,,

देहरादून: राजधानी देहरादून में शुक्रवार, 13 फरवरी की सुबह सिल्वर सिटी मॉल की पार्किंग में हुई खनन कारोबारी विक्रम शर्मा की हत्या ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। अब इस हत्याकांड की जांच हरिद्वार तक पहुंच गई है, जहां से हमलावरों के सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने हरिद्वार से दो वाहन किराए पर लिए थे, जिनमें एक बाइक और एक स्कूटी शामिल है। इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने में किया गया। घटना के बाद से देहरादून पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और हरिद्वार में संदिग्धों के छिपे होने की आशंका पर सक्रियता बढ़ा दी गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और एसपी देहात सहित अन्य अधिकारी स्वयं हरिद्वार पहुंचे। वहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई। एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शूटरों की तलाश लगातार जारी है।

जांच के दौरान कुछ संदिग्ध वाहन चिन्हित किए गए हैं। इन्हीं वाहनों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम हरिद्वार पहुंची है और किराए पर लिए गए वाहनों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इस संवेदनशील मामले में उत्तराखंड एसटीएफ भी सक्रिय भूमिका निभा रही है, जबकि हरिद्वार पुलिस सहयोग कर रही है।

पुलिस को आशंका है कि घटना के बाद आरोपी हरिद्वार में ही ठहरे हो सकते हैं। इसलिए कोशिश की जा रही है कि किसी भी संभावित मार्ग से वे बाहर न निकल सकें। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।

गौरतलब है कि सिल्वर सिटी मॉल की पार्किंग में विक्रम शर्मा को उस समय गोली मारी गई, जब वह जिम से बाहर निकल रहे थे। मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि हमले में तीन से चार लोग शामिल थे। जिस स्थान पर यह वारदात हुई, वह पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास से बेहद नजदीक है।

विक्रम शर्मा पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। झारखंड में भी उनके खिलाफ हत्या, वसूली और अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज बताए जाते हैं। वे एक स्टोन क्रशर के मालिक थे। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब पुलिस जांच से ही सामने आएगा।

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