August 12, 2026

उत्तराखंड 14 अप्रैल को खुलेगा दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, ढाई घंटे में पूरा होगा 213 किमी का सफर,,,

उत्तराखंड 14 अप्रैल को खुलेगा दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, ढाई घंटे में पूरा होगा 213 किमी का सफर,,,


देहरादून: बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री का देहरादून दौरा प्रस्तावित है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून के बीच 213 किलोमीटर का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में यह दूरी तय करने में लगभग 6 से 6.5 घंटे का समय लगता है।

यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे प्रमुख शहरों से गुजरते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इस मार्ग के शुरू होने से उत्तर भारत के कई व्यस्त क्षेत्रों को तेज और सीधा कनेक्शन मिलेगा।

🟢 आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे
करीब 213 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट तय की गई है। मार्ग पर 7 इंटरचेंज, 2 रेलवे ओवरब्रिज, 10 बड़े पुल और यात्रियों की सुविधा के लिए 14 वे-साइड सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे सफर सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।

🟢 वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
एक्सप्रेसवे का लगभग 12 किलोमीटर हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। यहां वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड, हाथी अंडरपास और विशेष एनिमल क्रॉसिंग बनाए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे हरिद्वार लिंक रोड और चारधाम हाईवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान हो जाएगी।

🟢 ₹12,000 करोड़ की लागत, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

🟢 इतना होगा टोल शुल्क
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार दिल्ली से देहरादून तक कार का एक तरफ का टोल करीब ₹675 होगा। यदि कोई यात्री 24 घंटे के भीतर वापसी करता है, तो दोनों तरफ का टोल ₹1,010 देना होगा, जिससे यात्रियों को लगभग ₹340 की बचत होगी।
प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे से हर वर्ष ₹900 से ₹950 करोड़ तक की टोल आय हो सकती है। इस आधार पर करीब ₹12,000 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की भरपाई में लगभग 13 वर्ष लगने का अनुमान है।

You may have missed

Share