August 13, 2026

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून में अनियंत्रित और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों पर राज्य सरकार से माँगा जवाब,,,,

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून में अनियंत्रित और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों पर राज्य सरकार से माँगा जवाब,,,,

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय में देहरादून के भूस्खलन और संवेदनशील क्षेत्र में किए जा रहे अनियंत्रित और अव्यवस्थित निर्माण संबंधी जनहित याचिका में देहरादून नगर निगम, एम.डी.डी.ए.समेत राज्य सरकार से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद के लिए तय की है।

आपको बता दें कि देहरादून की समाजसेवी रेनू पॉल ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2011 में उत्तराखंड के लिए बिल्डिंग बायलॉज बनाए गए थे।

इसके बाद वर्ष 2015 में संसोधन कर 30 डिग्री ढलान और भूस्खलन क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसके बाद वर्ष 2019 में जारी शासनादेश के बाद देहरादून में फुटहिल क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के साथ ही निर्माण कार्यों के प्रतिबंधित किया गया था।

बावजूद इसके देहरादून घाटी की तलहटी पर बहुमंजिले भवन बनाए जा रहे हैं। याचिका में न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि घाटी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए।

You may have missed

Share