हिमाचल किन्नौर मे बदल फटने से हुई तबाही में 18 मकान 9 गौशाला और एक स्कूल मलबे मे हुए जमीदोज, राहत बचाव कार्य मे जुटा शासन प्रशासन,,,

शिमला: मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, मंडी, चंबा और कुल्लू जिले में भारी बारिश हुई। भारी बारिश के बीच कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से चार गांवों में भारी तबाही मची है। बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते घाटी में चार गांवों रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा में 18 मकान मलबे में दब गए। इसके अलावा, 9 गोशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल भी बाढ़ के साथ आए मलबे की भेंट चढ़ गए।
मलबे की चपेट में आने से तीन महिलाएं जख्मी हो गईं। वहीं, 9 मवेशी मलबे में दबकर मर गए। उधर, किन्नौर जिले के शलखर के गोथांग नाले में सोमवार शाम बादल फटने से आई बाढ़ का पानी और मलबा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के आवासीय क्षेत्र में पहुंच गया। बीआरओ के दो बैरक और एक स्टोर मलबे से भर गए। किन्नौर-काजा एनएच पर भी मलबे से भर गया था।
हालांकि, बीआरओ ने मंगलवार को सुबह मशीनें लगाकर करीब 20 घंटे बाद सड़क बहाल की। बारिश-भूस्खलन के चलते मंगलवार शाम तक प्रदेश में 150 सड़कें, 291 ट्रांसफार्मर और 91 पेयजल योजनाएं ठप रहीं।
कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में मंगलवार को सुबह करीब 11:00 बजे बादल फटा। इसके चलते आई बाढ़ ने रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांवों में भारी तबाही मचाते हुए एक प्राथमिक स्कूल, 18 मकानों और 9 गोशालाओं को अपनी चपेट में लेकर मलबे में दफन कर दिया। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हालांकि तीन महिलाओं के घायल होने की सूचना है। सूचना के बाद एसडीआरएफ के 15 जवानों की टीम और पुलिस के 10 जवान मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर ने बताया कि लोगों को नालों के पास न जाने और जोखिम वाले मकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
उधर, जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी की सूचना के अनुसार अब तक 13 पक्के और 5 कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 9 गोशालाएं भी भेंट चढ़ी गई। वहीं, 2 भैंसें, चार गायें और एक-एक बैल और भेड़ के भी मरने की सूचना है। डिब्बा और मानेड़ नाला क्षेत्र में भारी मलबा आने से बोह घाटी को जोड़ने वाला मार्ग कई स्थानों पर बंद हो गया। एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी स्कूल में ठहराया गया है।
कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र की न्यांगल पंचायत में पूर्व में हुए भूस्खलन के कारण नाले का रुख बदलने से 10 से 15 घरों और कृषि भूमि पर खतरा मंडरा रहा है। खराब मौसम के चलते दिल्ली से गगल एयरपोर्ट आने वाली तीन उड़ानें रद्द रहीं, जबकि एक उड़ान देरी से पहुंची।

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