September 21, 2026

उत्तराखंड में यहां विजिलेंस ने की बड़ी कार्रवाई, 14 हजार की रिश्वत लेते संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार,,,,,

उत्तराखंड में यहां विजिलेंस ने की बड़ी कार्रवाई, 14 हजार की रिश्वत लेते संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार,,,,,

हल्द्वानी। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) का अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है। इसी क्रम में हल्द्वानी विजिलेंस की विशेष ट्रैप टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले की सितारगंज तहसील में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को कुल ₹14,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद तहसील परिसर और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

🔴 कुर्की आदेश समाप्त करने और KCC लोन की आरसी हटाने के एवज में थी मांग

सतर्कता अधिष्ठान से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय निवासी ने विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील के कर्मचारी उनकी समस्याओं के निस्तारण के एवज में अवैध वसूली कर रहे हैं। आरोप था कि संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा शिकायतकर्ता की भूमि पर लगे कुर्की आदेश को समाप्त करने, जमीन को बंधनमुक्त कराने तथा उनकी पत्नी के केसीसी (KCC) लोन पर जारी आरसी की कार्रवाई को बंद करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, संग्रह अमीन ने ₹10,000 और वरिष्ठ सहायक ने ₹6,000 की रिश्वत मांगी थी।

🔴 योजनाबद्ध तरीके से बिछाया गया जाल

शिकायत के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा मामले की गोपनीय खुली जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशानुसार एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।

​निर्धारित योजना के तहत 29 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम ने सितारगंज तहसील कार्यालय परिसर में औचक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम ने संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को ₹8,000 तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

🔴 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की गहन विवेचना जारी है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रिश्वतखोरी के खेल में और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।

🟢 जनता से अपील- भ्रष्टाचार के खिलाफ करें सहयोग

सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम में जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई भी लोक सेवक (सरकारी अधिकारी या कर्मचारी) किसी भी कार्य को करने के एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक बिना किसी संकोच के इसकी शिकायत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर दर्ज करा सकते हैं। विजिलेंस ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान को पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा।

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