August 13, 2026

उत्तराखंड राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्रेस कोड को लेकर हुई सख्ती, ड्यूटी के दौरान जींस-टीशर्ट पहनने पर लगी रोक- डॉ. दौलत सिंह

उत्तराखंड राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्रेस कोड को लेकर हुई सख्ती, ड्यूटी के दौरान जींस-टीशर्ट पहनने पर लगी रोक- डॉ. दौलत सिंह

देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल—राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के पहनावे (ड्रेस कोड) को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल में अब ड्यूटी के दौरान जींस और टीशर्ट पहनने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और सभी को निर्धारित परिधान में आने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

🔴 अस्पताल प्रशासन का कड़ा निर्देश

​अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को तय ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही डॉक्टरों के लिए ड्यूटी के दौरान कम से कम एप्रन पहनना भी बेहद जरूरी कर दिया गया है ताकि अस्पताल में उनकी पेशेवर पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।

🟢 पहनावे से प्रभावित होता है माहौल- डॉ. दौलत सिंह

​कैंसर रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दौलत सिंह ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई बार कुछ चिकित्सक तो ड्रेस कोड के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं, लेकिन कुछ लोग जींस और टीशर्ट पहनकर अस्पताल पहुंच जाते हैं।

​उन्होंने बताया कि इस तरह के पहनावे से अस्पताल की गरिमा और कार्य संस्कृति का माहौल प्रभावित होता है, साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों को भी कई बार असहज स्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की पहचान उनके पेशेवर पहनावे से भी होनी चाहिए। यदि कोई डॉक्टर सामान्य शर्ट पहनकर बैठेगा, तो दूर-दूर से आने वाले मरीज और उनके तीमारदार यह नहीं पहचान पाएंगे कि संबंधित व्यक्ति डॉक्टर है या कोई अन्य। एप्रन पहने होने से मरीजों को डॉक्टर की पहचान करने में आसानी होती है।

🔴 लापरवाही बरतने पर होगी प्रशासनिक कार्रवाई

​अस्पताल प्रशासन ने सभी विभागों के प्रमुखों को अपने-अपने स्तर पर ड्रेस कोड का कड़ा पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूर्व में भी ड्रेस कोड को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा लगातार इनकी अनदेखी की जा रही थी।

​अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब यदि कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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