उत्तराखंड चमोली में टनल हादसा, पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन सुरंग में भरा मलबा और पानी, रेस्क्यू ऑपरेशन कर 16 श्रमिको को सुरक्षित बाहर निकाला,,,

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र अंतर्गत मायापुर में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार को अचानक मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए घटनास्थल का दौरा किया और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान अपने हाथों में ली।
प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर फंसे लोगों में से अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बचाए गए सभी श्रमिकों और कर्मचारियों को तुरंत चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। शेष संभावित फंसे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान लगातार जारी है।
अचानक मची अफरा-तफरी, प्रशासन हुआ अलर्ट
मायापुर स्थित इस निर्माणाधीन सुरंग में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भीतर आ गया। घटना के समय सुरंग के भीतर मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों के फंसने की आशंका ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया और बिना देर किए आपातकालीन टीमों को मौके पर रवाना किया गया।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की खुद निगरानी की। उन्होंने वहां मौजूद तमाम प्रशासनिक अधिकारियों और रेस्क्यू एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक कर बचाव कार्यों को पूरी सतर्कता और तेजी के साथ संचालित करने के कड़े निर्देश दिए।
कई एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटीं
टनल के भीतर फंसे लोगों की जान बचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है। घटनास्थल पर निम्नलिखित टीमें संयुक्त रूप से राहत कार्य में जुटी हुई हैं:
- एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमें
- आईटीबीपी (ITBP) और भारतीय सेना के जवान
- जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी
- आपदा प्रबंधन और विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञ दल
प्रशासन द्वारा सुरंग के आसपास आपातकालीन रोशनी, अतिरिक्त संचार व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और भारी मशीनरी जैसे सभी आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए गए हैं ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
प्रशासन की दो टूक: “सभी को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता”
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टनल के भीतर फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना इस वक्त उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है और जब तक आखिरी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा।


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