उत्तराखंड में किसानों का फूटा गुस्सा, भूमि पैमाइश और दाखिल-खारिज में रिश्वतखोरी के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना और उग्र आंदोलन की चेतावनी,,,

देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत विभिन्न जिलों में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों का कलेक्ट्रेट और तहसील परिसरों के बाहर धरना-प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने राजस्व विभागों में भूमि की पैमाइश और दाखिल-खारिज (नामंतरण) के नाम पर हो रही व्यापक रिश्वतखोरी व अवैध वसूली के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तहसील स्तर पर चल रही इस धांधली और भ्रष्टाचार को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो कलेक्ट्रेट की तालाबंदी कर आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

धरने के दौरान वक्ताओं ने भूमि पैमाइश से जुड़े मामलों में पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई, साथ ही भविष्य के लिए भूमि रिकॉर्ड्स की इलेक्ट्रॉनिक व सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा, किसानों ने प्रदेशभर में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कड़ा विरोध करने के साथ-साथ चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान के तत्काल निस्तारण और सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष आनंद सिंह, जिला प्रचार मंत्री अमित सैनी, लव कुमार, सरदार प्रकट सिंह और सरदार जोगिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रमुख किसान नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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