September 23, 2026

उत्तराखंड नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर शिमला ले गया था जीजा, पुलिस ने दबिश देकर किया गिरफ्तार, किशोरी सकुशल बरामद, जीजा को भेजा जेल,,,,

उत्तराखंड नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर शिमला ले गया था जीजा, पुलिस ने दबिश देकर किया गिरफ्तार, किशोरी सकुशल बरामद, जीजा को भेजा जेल,,,,

​हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर शिमला भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।

“रानीपुर कोतवाली क्षेत्र का मामला; सास की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा, न्यायालय में पेश कर भेजा जेल”

पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा सुरक्षित बरामद की गई किशोरी को मेडिकल परीक्षण के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

🔴 घटना का विवरण और प्राथमिकी

​पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 26 अगस्त को एक महिला ने रानीपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस संबंध में पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया। कोतवाली प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ सर्विलांस के जरिए गहन छानबीन शुरू की।

🔴 पुलिस की दबिश और सकुशल बरामदगी

​एसपी सिटी दीपक सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लगातार तलाश के बाद सोमवार को पुलिस को आरोपी के नहर पटरी, ज्वालापुर क्षेत्र में होने की सटीक सूचना मिली। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया और उसकी गिरफ्त से नाबालिग किशोरी को सकुशल मुक्त करा लिया।

​पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 25 अगस्त को किशोरी को अपने साथ शिमला ले गया था। हालांकि, परिजनों द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की भनक लगने पर वह किशोरी को वापस छोड़ने हरिद्वार लौट रहा था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

🔴 पुलिस की कार्रवाई

  • शिकायतकर्ता: लापता किशोरी की माता (रानीपुर क्षेत्र निवासी)।
  • पुलिस कार्रवाई: एसआई एवं पुलिस टीम द्वारा रानीपुर मोड़/नहर पटरी क्षेत्र से घेराबंदी कर गिरफ्तारी।
  • चिकित्सकीय परीक्षण एवं बयान: पुलिस ने माननीय न्यायालय के समक्ष किशोरी के बयान दर्ज कराकर उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया।
  • न्यायालयीन आदेश: बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश करने के बाद आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

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