October 20, 2026

उत्तराखंड, हरिद्वार के एनपीपीएल हॉस्पिटल में गंभीर गर्भवती महिला का सफल प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित; मिला निःशुल्क उपचार,,,,

उत्तराखंड, हरिद्वार के एनपीपीएल हॉस्पिटल में गंभीर गर्भवती महिला का सफल प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित; मिला निःशुल्क उपचार,,,,

हरिद्वार। स्थानीय एमसीएच विंग, एनपीपीएल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम ने समय पर तत्परता और विशेषज्ञ चिकित्सा कौशल का परिचय देते हुए 36 सप्ताह की एक गंभीर गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचा ली। गर्भावस्था के दौरान गंभीर दौरे पड़ने (एक्लेम्पसिया की स्थिति) के चलते महिला व गर्भस्थ शिशु दोनों का जीवन संकट में था। वर्तमान में दोनों पूरी तरह खतरे से बाहर और स्वस्थ हैं।

🟢 लक्सर से रेफर होकर पहुंची थी गंभीर स्थिति में प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रियंका नामक महिला को गर्भावस्था के 36वें सप्ताह में अचानक दौरे पड़ने लगे थे। परिजनों द्वारा लक्सर में प्राथमिक उपचार कराने के बाद नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल बेहतर उपचार के लिए हरिद्वार रेफर किया गया। महिला को बेहद क्रिटिकल स्थिति में एनपीपीएल हॉस्पिटल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया।

🟢 विशेषज्ञों की देखरेख में जटिल प्रसव और वेंटिलेटर सपोर्ट अस्पताल में भर्ती होते ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका शाह और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. आस्था सिंह ने मेडिकल टीम के साथ मोर्चा संभाला। चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं शुरू कीं और जोखिम के बावजूद सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया।

प्रसवोपरांत महिला की अति-गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे निरंतर दो दिनों तक वेंटिलेटर पर आईसीयू निगरानी में रखा गया। सघन चिकित्सा और चिकित्सकों की चौबीसों घंटे निगरानी के बाद महिला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

🟢 निशुल्क उपचार बना संबल, जल्द मिलेगी छुट्टी अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पूरे उपचार के दौरान मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया गया और मां-शिशु को समस्त आपातकालीन व क्रिटिकल केयर सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं।

चिकित्सकों के अनुसार अब जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। स्थिति स्थिर देखते हुए आगामी एक से दो दिनों में दोनों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। समय पर मिले विशेषज्ञ उपचार और अस्पताल की संवेदनशीलता के प्रति परिजनों ने चिकित्सकों की टीम का आभार व्यक्त किया है।

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