October 19, 2026

उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बदलेंगे नियम, छह साल बाद नई विद्युत आपूर्ति संहिता लाने की तैयारी, ड्राफ्ट जल्द होगा जारी,,,

उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बदलेंगे नियम, छह साल बाद नई विद्युत आपूर्ति संहिता लाने की तैयारी, ड्राफ्ट जल्द होगा जारी,,,

​देहरादून। उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन लेने, बिलिंग, मीटरिंग से लेकर बिजली चोरी की रोकथाम तक के नियमों में व्यापक बदलाव होने जा रहा है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) छह साल के अंतराल के बाद प्रदेश में नई विद्युत आपूर्ति संहिता लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत आयोग ‘उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (विद्युत आपूर्ति संहिता, नए कनेक्शन जारी करना और संबंधित मामले) विनियम’ लागू करेगा। आयोग द्वारा इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक कर सभी हितधारकों और आम जनता से सुझाव व आपत्तियां मांगी जाएंगी।

​इससे पूर्व आयोग ने वर्ष 2020 में विद्युत आपूर्ति संहिता लागू की थी। इस संहिता में नए कनेक्शन की समय-सीमा, शुल्क, मीटर टेस्टिंग, बिलिंग, लोड बढ़ाने-घटाने, कनेक्शन काटने-जोड़ने और उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (CGRF) से जुड़े दिशानिर्देश तय किए गए थे। आयोग के सदस्य (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी के अनुसार, पिछले छह वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र और उपभोक्ता आवश्यकताओं में आए बदलावों को समाहित करते हुए नई संहिता का खाका तैयार किया जा रहा है।

​🟢 नई संहिता में शामिल होंगे ये प्रमुख प्रावधान

  • ​स्मार्ट मीटर और बिजली चोरी के नए मानक: प्रदेश में तेजी से लग रहे स्मार्ट मीटरों के मद्देनजर उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ चोरी रोकने के कड़े मानक तय किए जाएंगे। स्मार्ट मीटर के डेटा और चेक मीटर के माध्यम से बिजली चोरी पकड़ने व तकनीकी समाधानों के स्पष्ट नियम परिभाषित होंगे।
  • ​सोसायटियों में व्यक्तिगत कनेक्शन का विकल्प: अभी तक आवासीय सोसायटियों में केवल ‘बल्क सप्लाई’ की व्यवस्था थी। नए नियमों के तहत यदि किसी सोसाइटी के न्यूनतम 50 प्रतिशत निवासी सहमत होते हैं, तो उन्हें अलग (व्यक्तिगत) बिजली कनेक्शन लेने की सुविधा दी जाएगी। सहमति न बनने की स्थिति में पूर्व की भांति बल्क सप्लाई व्यवस्था लागू रहेगी।
  • ​पारदर्शी प्रक्रिया व त्वरित समाधान: नए कनेक्शन के आवेदन से लेकर आपूर्ति बाधित होने या बिलिंग संबंधी शिकायतों के निपटारे की समय-सीमा को और अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा।

​ड्राफ्ट जारी होने के बाद जनसुनवाई और सुझावों के आधार पर आयोग अंतिम अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद प्रदेश भर में नए नियम प्रभावी हो जाएंगे।

Share