October 23, 2026

केदारनाथ धाम में संपन्न हुई संत मोरारी बापू की रामकथा, ‘भारत स्वस्तिक यात्रा’ के प्रथम चरण का भव्य समापन,,,,,

केदारनाथ धाम में संपन्न हुई संत मोरारी बापू की रामकथा, ‘भारत स्वस्तिक यात्रा’ के प्रथम चरण का भव्य समापन,,,,,

 बाबा केदार के दरबार में पहुँचे संत मोरारी बापू

​प्रसिद्ध कथा व्यास और श्रीरामचरितमानस के मर्मज्ञ संत मोरारी बापू की रामकथा आज पावन धाम केदारनाथ में आयोजित की गई। इस अलौकिक आयोजन के साथ ही कन्याकुमारी से आरंभ हुई ऐतिहासिक ‘भारत स्वस्तिक यात्रा’ (प्रथम चरण) का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। केदारनाथ धाम पहुँचने पर संत मोरारी बापू ने सबसे पहले ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की।

​व्यास पीठ से संदेश,”मानो कन्याकुमारी बाबा केदार के दर्शन करने आई है”

​व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बापू ने भावुक और प्रेरणादायक अंदाज में कहा, “ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं कन्याकुमारी बाबा केदार के दर्शन करने आई है।” उन्होंने इस पूरी यात्रा को राष्ट्र और दुनिया को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने वाला एक अद्भुत प्रयास बताया। बापू ने केदारनाथ की इस पवित्र भूमि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह वही पावन स्थल है जहाँ जगतगुरु आदि शंकराचार्य जी ने महासमाधि ली थी। इस भूमि पर उपस्थित होना और दर्शन पाना विशुद्ध रूप से ईश्वर की असीम कृपा का परिणाम है।

​यात्रा का मार्ग और समापन, दक्षिण के छोर से उत्तर की महायात्रा तक

​यह रामकथा ‘भारत स्वस्तिक यात्रा’ (पार्ट-1) का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रही, जो 10 अक्टूबर को दक्षिण के छोर कन्याकुमारी से शुरू होकर विभिन्न ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों से होती हुई भगवान शिव की इस महायत्री नगरी तक पहुँची है। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से सैकड़ों राम और शिव भक्त केदारनाथ पहुँचे थे।

​भक्तिमय माहौल,’हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंजी घाटी

​इस आध्यात्मिक आयोजन से पूरी केदारनाथ घाटी ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठी। केदारनाथ की ठंडी हवाओं और ऊंचे पहाड़ों के बीच हुए इस भव्य आयोजन ने संपूर्ण वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय कर दिया, जहाँ श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान करने के साथ-साथ अलौकिक आनंद की अनुभूति की।

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