उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (हरिद्वार इकाई) ने होटल पार्क ग्रैंड में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर किया संगोष्ठी का आयोजन,,,

हरिद्वार। डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पत्रकारिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं ला रहा है, लेकिन खबरों की विश्वसनीयता, तथ्यों की जांच और संपादकीय विवेक आज भी पत्रकार का ही रहेगा।

एआई किसी पत्रकार का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी कार्यक्षमता को विस्तार देने वाला एक मजबूत सहायक है। यह विचार वरिष्ठ पत्रकार एवं एआई विशेषज्ञ पीयूष पाण्डेय ने शनिवार को हरिद्वार में व्यक्त किए।

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (हरिद्वार इकाई) के तत्वावधान में होटल पार्क ग्रैंड में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मीडिया के बदलते स्वरूप, तकनीकी नवाचार और एआई के व्यावहारिक प्रयोग पर मंथन हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पीयूष पाण्डेय ने कहा कि डेटा विश्लेषण, ऑडियो-वीडियो ट्रांसक्रिप्शन, भाषा अनुवाद और प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार करने में एआई पत्रकारों के समय की बचत करता है।

हालांकि, डीपफेक और एआई-जनित भ्रामक सूचनाओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए मानवीय सत्यापन अनिवार्य है। अंतिम संपादकीय निर्णय केवल पत्रकार के विवेक पर ही निर्भर होना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव जी महाराज ने कहा कि मशीनें आंकड़े जुटा सकती हैं, लेकिन मानवीय संवेदना, सामाजिक चेतना और सत्य की परख केवल एक सजग पत्रकार ही कर सकता है। उन्होंने तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर बल दिया।
इस दौरान राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती और अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य मनोज गौतम ने भी अपने विचार साझा किए।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने स्पष्ट किया कि समय के साथ तकनीक को अपनाना अपरिहार्य है। यदि पत्रकार खुद को अपडेट नहीं करेंगे, तो वे प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। एआई खोजी पत्रकारिता और त्वरित रिपोर्टिंग को मजबूती देगा, बशर्ते नैतिक मूल्यों और सत्यता से समझौता न किया जाए।
वरिष्ठ पत्रकारों और अधिकारियों का सम्मान

समारोह में पत्रकारिता व जनसंपर्क में विशिष्ट योगदान के लिए कुंभ मेला सूचना अधिकारी कीर्ति पंवार, जिला सूचना अधिकारी रतिलाल शाह सहित वरिष्ठ पत्रकारों—ब्रजेंद्र हर्ष, गुलशन नैयर, राधेश्याम विद्याकुल, रजनीकांत शुक्ला, अविक्षित रमन, अवधेश शिवपुरी, त्रिलोक चंद भट्ट, सुदेश आर्य, नरेश दीवान शैली, परमजीत राणा, राजेन्द्रनाथ गोस्वामी, ओम गौतम फक्कड़, ललितेंद्र नाथ, ठाकुर शैलेंद्र सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जगदीश देशप्रेमी, रामेश्वर दयाल, मुदित अग्रवाल, गोपाल कृष्ण पटुवर, संजय आर्य, डॉ. उमेश सचान, ऋषि सचदेवा और निशांत गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शुक्ला ने किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष संजय आर्य, कार्यकारी अध्यक्ष संजय रावल, महामंत्री अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी, संयोजक अनिरुद्ध भाटी, गौरव चक्रपाणी, कुलदीप अग्रवाल, महावीर नेगी, जगदीश लाल पाहवा और डॉ. विशाल गर्ग सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

अंत में वक्ताओं ने एकमत होकर रेखांकित किया कि तकनीक पत्रकारिता को गति तो दे सकती है, परंतु विश्वसनीयता और जनसरोकारों की रक्षा पत्रकार के हाथों में ही सुरक्षित है।






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