October 30, 2026

“अर्जेंट – समाचार” हरिद्वार में करवाचौथ पर बादलों का पहरा, शाम 7:34 से 8:09 के बीच चंद्रोदय के आसार, जानिए दर्शन न होने पर क्या करें व्रती महिलाएं,,,,,

“अर्जेंट – समाचार” हरिद्वार में करवाचौथ पर बादलों का पहरा, शाम 7:34 से 8:09 के बीच चंद्रोदय के आसार, जानिए दर्शन न होने पर क्या करें व्रती महिलाएं,,,,,

​हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में करवाचौथ के पावन पर्व पर आज सुहागिनों को चांद के दीदार के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। स्थानीय क्षितिज और पंचांग गणना के अनुसार आज चंद्रोदय का समय शाम लगभग 7:34 बजे से 8:09 बजे के बीच अनुमानित है। वर्तमान में चंद्रमा ‘वाइनिंग गिबस’ (Waning Gibbous यानी घटती कला) की स्थिति में है, जिसका अगला चंद्रास्त 30 अक्टूबर की सुबह 9:27 बजे होगा।

​मौसम विभाग ने हरिद्वार और आसपास के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की मौजूदगी के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आसमान में घने बादलों के जमावड़े के कारण सीधे चंद्र दर्शन में बाधा आने की पूरी आशंका है।

​बादलों के बीच करवाचौथ पूजा के शास्त्रीय विकल्प

​यदि खराब मौसम अथवा बादलों के कारण चंद्रमा स्पष्ट रूप से दिखाई न दे, तो शास्त्रों में व्रती महिलाओं के लिए अर्घ्य और पारण के विशेष विकल्प बताए गए हैं:

  • ​दिशा मानकर अर्घ्य दें: पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के निश्चित समय के बाद पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा (जिस दिशा में चंद्रमा उदित होता है) की ओर मुख करके भगवान चंद्रदेव का मानसिक ध्यान करें और धूप, दीप व जल से विधिपूर्वक अर्घ्य अर्पित करें।
  • ​भगवान शिव के मस्तक के चंद्र का पूजन: देवाधिदेव महादेव के मस्तक पर सुशोभित बालचंद्र का ध्यान करते हुए शिव परिवार की पूजा करें और ‘ॐ सों सोमाय नमः’ मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य दें।
  • ​चांदी के सिक्के अथवा चावल के प्रतीक से पूजा: एक स्वच्छ थाली में रोली या कुमकुम से चंद्रमा की आकृति बनाएं अथवा चांदी के सिक्के को अक्षत (चावल) की ढेरी पर स्थापित कर उसे चंद्र स्वरूप मानकर पूजन और अर्घ्य संपन्न करें।
  • ​पारिवारिक संवाद से पारण: यदि निकटवर्ती शहरों या अन्य क्षेत्रों में चंद्रमा दिखाई दे रहा हो, तो वहां के परिजनों से वीडियो कॉल अथवा सूचना के माध्यम से पुष्टि कर स्थानीय समय के अनुसार अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है।

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