उत्तराखंड आसन वेटलैंड, पर्यटकों के लिए विकसित हो रही है नई झील, फरवरी 2026 तक पर्यटकों को मिलेगी नई झील की सौगात,,,

विकास नगर। देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व और उत्तराखंड की पहली रामसर साइट आसन वेटलैंड में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक नई झील विकसित की जा रही है। वानिकी प्रशिक्षण केंद्र रामपुर मंडी परिसर में स्थित पुरानी एक किलोमीटर लंबी झील को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। चकराता वन प्रभाग नेचर ट्रेल के जरिए पर्यटकों को सुकूनभरा माहौल देने की तैयारी में है। फरवरी में वर्ल्ड वेटलैंड डे के अवसर पर इसे पर्यटकों के लिए खोले जाने की उम्मीद है, जिससे सैलानी नेचर ट्रेल के माध्यम से झील के चारों ओर घूमकर पक्षियों को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे।
पर्यटन और सुविधाओं का विस्तार
वर्ष 2020 में रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद से आसन वेटलैंड में लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। नमामी गंगे के तहत बजट मिलने की भी उम्मीद है। पर्यटकों की सहायता के लिए वन प्रभाग ने बोक्सा जनजाति की छात्राओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया है, जिससे पक्षी प्रेमियों को प्रवासी परिंदों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके। इसके अलावा, बर्ड वॉचिंग के लिए दो टावर पहले से बनाए गए हैं और वानिकी प्रशिक्षण केंद्र में डिस्प्ले के जरिए भी परिंदों की जानकारी दी जा रही है। चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर इस विकास कार्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
अक्टूबर से शुरू होगा प्रवासी परिंदों का आगमन
आसन रामसर साइट पर अक्टूबर से मार्च के अंत तक बर्फ प्रभावित देशों से आने वाले विदेशी प्रवासी परिंदों का डेरा रहता है, जबकि अप्रैल से सितंबर तक स्थानीय प्रजातियों के पक्षी यहां ब्रीडिंग, नेस्टिंग और चूजों को प्रशिक्षित करते हैं। वन दारोगा प्रदीप सक्सेना के अनुसार, अक्टूबर में पक्षियों के आगमन को देखते हुए एक-दो दिन में मड टापू विकसित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। हर साल यहां प्रवासी पक्षियों की विधिवत गणना की जाती है, जिसमें सबसे पहले ‘सुर्खाब’ (रुडी शेलडक) पहुंचते हैं और दुर्लभ प्रजाति के ‘पलास फिश ईगल’ का जोड़ा भी हर साल यहां आता है।
उत्तराखंड के मेहमान बनने वाले प्रमुख पक्षी
आसन वेटलैंड में प्रवास के लिए आने वाली प्रमुख प्रजातियों में सुर्खाब, नार्दन शावलर, गैडवाल, यूरेशियन विजन, इंडियन स्पॉट बिल्ड डक, रेड क्रस्टेड पोचार्ड, टफ्टेड डक, लिटिल ग्रेब, ग्रेट क्रेस्टेड पोचार्ड, रॉक पिजन, बार हेडेड गूज, मलार्ड, नार्दन पिनटेल्स, ग्रीन विंग टेल, कॉमन पोचार्ड, फेरीजिनस डक, यूरेशियन मोरहेन, यूरेशियन कूट, ग्रे हेडेड स्वैम्पहेन, व्हाइट ब्रेस्टेड लैपविग, कॉमन सेंडपाइपर, पलास फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड, ग्रे हेरोन, पर्पल हेरोन, ग्रेट इग्रेट और विभिन्न प्रकार की वेगटेल व पिपिट प्रजातियां शामिल हैं। पक्षी प्रेमी जीएमवीएन के आसन रिजॉर्ट की बोटिंग के जरिए भी इन प्रवासी परिंदों को नजदीक से निहार सकते हैं।

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