उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों की जमानत याचिका की खारिज, हत्या का दोषी मानते हुए कोर्ट ने दी थी आजीवन कारावास की सजा,,,

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उन्हें खारिज कर दिया है। न्यायालय की खंडपीठ ने अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता का पक्ष दो दिनों तक सुनने के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
- निचली अदालत का फैसला: कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
- दोषसिद्धि का विवरण: मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य को धारा 302, 201 और 354 (ए) के तहत, जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया था।
- उच्च न्यायालय में अपील: निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अभियुक्तों की ओर से उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है, जिस पर सुनवाई अभी विचाराधीन है। फिलहाल अदालत ने केवल तीनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर उन्हें खारिज किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2022 का है। अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थीं, जिनकी हत्या के इस मामले ने पूरे राज्य और देश को झकझोर कर रख दिया था।

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