September 7, 2026

उत्तराखंड देहरादून के विद्यालयों में विद्यार्थियों की दक्षता आधारित आकलन शुरू, सरकार ने की विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम सुधारने की पहल,,,

उत्तराखंड देहरादून के विद्यालयों में विद्यार्थियों की दक्षता आधारित आकलन शुरू, सरकार ने की विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम सुधारने की पहल,,,

देहरादून: प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन अब और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा दो, पांच और आठ के विद्यार्थियों के लिए दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। पिछले राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्तराखंड का बेहतर प्रदर्शन न रहने के कारण सरकार ने यह नई व्यवस्था शुरू की है।

​इस पहल के तहत परीक्षा के मूल्यांकन और परिणामों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं:

  • मूल्यांकन समयसीमा: विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सात सितंबर को ही पूरा किया जाना अनिवार्य है।
  • परिणाम अपलोड: आठ सितंबर को दोपहर दो बजे तक परीक्षा परिणाम विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) के आनबोर्ड प्रगति चैटबाट पर अपलोड करने होंगे।
  • सुधारात्मक शिक्षण: सही और गलत उत्तरों के विश्लेषण के आधार पर नौ सितंबर से कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सुधारात्मक शिक्षण अनिवार्य रूप से शुरू किया जाएगा।

​विद्यालयों को विद्यार्थियों के दक्षता आधारित आकलन के उत्तर पत्रक और संकलन शीट सुरक्षित रखनी होंगी, जिनका सत्यापन सीआरपी, बीआरपी या विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा में परिणाम अपलोड न होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।

​एससीईआरटी के अपर निदेशक परमेंद्र सकलानी के अनुसार, इस आकलन से विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार होगा तथा राष्ट्रीय सर्वे परख और परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) जैसी राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तराखंड के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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