उत्तराखंड नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का रानीबाग में हुआ अंतिम संस्कार, मीडिया जगत में शोक की लहर,,,

नैनीताल। जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का रविवार को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गत 12 सितंबर की दोपहर आकस्मिक हृदयगति रुकने से हुए उनके निधन के बाद से सूचना विभाग, मीडिया जगत और प्रशासनिक हलकों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी अंतिम यात्रा सुबह 8 बजे बीके पुरम, बिठोरिया नंबर-1 स्थित उनके आवास से चित्रशिला घाट के लिए रवाना हुई, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों, अधिकारियों और पत्रकारों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
दिग्गज नेताओं और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
चित्रशिला घाट पर आयोजित अंत्येष्टि कार्यक्रम में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री ध्रुव रौतेला, दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी सहित कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उत्तराखंड सरकार की ओर से दर्जा राज्यमंत्री ध्रुव रौतेला ने स्वर्गीय जोशी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत अधिकारी को अंतिम विदाई देने वालों में जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, सहायक निर्वाचन अधिकारी हंसादत्त पांडे, सूचना महानिदेशक के प्रतिनिधि के.एस. चौहान, संपादक कमलेश भट्ट, ऊधमसिंह नगर के जिला सूचना अधिकारी गोविंद बिष्ट, प्रभारी मीडिया सेंटर हल्द्वानी अहमद नदीम सहित जनपद के तमाम पत्रकार और सूचना विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
14 सितंबर को मीडिया सेंटर हल्द्वानी में होगी शोक सभा
स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी की स्मृति में 14 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे मीडिया सेंटर हल्द्वानी में एक शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सूचना विभाग के कार्मिक, स्थानीय पत्रकार और गणमान्य लोग एकत्रित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

More Stories
उत्तराखंड चारधाम यात्रा ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड, 50 लाख के पार पहुंचे श्रद्धालु, गंगोत्री और यमुनोत्री में ऐतिहासिक भीड़,,,
उत्तराखंड ‘हिलांस’ बना पहाड़ी महिलाओं की आजीविका का सशक्त जरिया, पारंपरिक उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान और आर्थिक मजबूती,,,
उत्तराखंड मानसून में भी गुलजार है कौसानी, चाय बागानों और ठंडी वादियों की खूबसूरती खींच रही सैलानियों का ध्यान,,,