September 4, 2026

उत्तराखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’, साइबर ठगी की सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार, 820 संदिग्ध खाते चिह्नित और 159 मुकदमे दर्ज,,,

उत्तराखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’, साइबर ठगी की सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार, 820 संदिग्ध खाते चिह्नित और 159 मुकदमे दर्ज,,,

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। ठगी की केवल वारदातों तक सीमित रहने के बजाय पुलिस ने इस बार सीधे ‘सप्लाई चेन’ को नेस्तनाबूद करने के लिए सात दिवसीय प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाया। इसके तहत बैंक खातों, एटीएम, चेक, सिम कार्ड और पाश मशीनों के जाल को खंगाला गया, जिसके चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।

​पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डा. वी मुरुगेशन ने इस अभियान के आंकड़े साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का दायरा केवल मुख्य ठगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ठगी के लिए संसाधन मुहैया कराने वाले मददगारों को भी इस क्राइम चेन का हिस्सा मानकर शिकंजा कसा गया है।

🔴 सप्लाई चेन पर चौतरफा कार्रवाई

एसटीएफ की जांच में 820 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए, जिनका सत्यापन कर अब तक 159 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा वित्तीय और तकनीकी तंत्र पर की गई कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • एटीएम और बैंक जांच: 1,236 एटीएम की जांच के बाद 32 मुकदमे दर्ज हुए। वहीं 84 बैंकों से चेक के जरिए नकदी निकालने के मामलों की पड़ताल में 37 संदिग्धों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
  • तकनीकी ब्लॉक: संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त 644 सिम कार्ड और 630 ईएमईआइ (IMEI) ब्लॉक किए गए, साथ ही सिम कार्ड्स पर एसएमएस अलर्ट भी सक्रिय किए गए।
  • गिरफ्तारी और नोटिस: इस अभियान के दौरान 15 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 247 संदेहास्पद लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
  • सक्रिय अपराधियों की मैपिंग: ‘समन्वय’ पोर्टल पर पहले से गिरफ्तार 240 साइबर अपराधियों की मैपिंग की गई, जिससे 100 से अधिक नए संदिग्धों की संलिप्तता का खुलासा हुआ।

🔴 जांच के घेरे में 60 बैंककर्मी

इस अभियान का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि जांच का दायरा अब बैंकिंग तंत्र के भीतर तक पहुंच गया है। मिलीभगत की आशंका के चलते 60 बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनकी गहन जांच की जा रही है। इससे यह साफ हो गया है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क केवल मोबाइल और इंटरनेट तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय संस्थानों की अंदरूनी कड़ियों से भी जुड़ा है।

🔴 चार जिलों में 10 हॉटस्पॉट चिह्नित

भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर स्थायी लगाम लगाने के लिए एसटीएफ और पुलिस ने प्रदेश के चार प्रमुख जिलों में 10 संवेदनशील क्षेत्रों को ‘साइबर हॉटस्पॉट’ के रूप में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में अब पुलिस की विशेष और निरंतर निगरानी रखी जाएगी:

  • देहरादून: पटेलनगर, सेलाकुई, सुमननगर और ऋषिकेश
  • हरिद्वार: कलियर, कोतवाली और सिडकुल
  • ऊधमसिंहनगर: दिनेशपुर और गदरपुर
  • नैनीताल: रामनगर
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