August 26, 2026

उत्तराखंड प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत, डॉक्टर का पंजीकरण 3 साल के लिए निरस्त और हॉस्पिटल पर लगाया ₹6 लाख का जुर्माना,,,

उत्तराखंड प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत, डॉक्टर का पंजीकरण 3 साल के लिए निरस्त और हॉस्पिटल पर लगाया ₹6 लाख का जुर्माना,,,

देहरादून। उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद ने प्रसव (डिलीवरी) के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। परिषद ने रुड़की के मैडविन हॉस्पिटल के डॉक्टर राकेश नाथ को चिकित्सा में लापरवाही का दोषी पाते हुए उनका पंजीकरण तीन साल के लिए निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर छह लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

🔴 क्या हुआ आखिर मामला?

​हरिद्वार जिले के बढ़ेड़ी निवासी उस्मान ने उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद को एक शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। इस गंभीर मामले की जांच परिषद की ‘नैतिकता अनुशासन व पंजीकरण समिति’ को सौंपी गई थी।

🔴 जांच में लापरवाही की पुष्टि

​समिति के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंघल और सदस्य डॉ. महेश कुड़ियाल, डॉ. कृष्ण अवतार व डॉ. तरुण मित्तल ने इलाज से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि मरीज आसमा के प्रसव के दौरान चिकित्सा में बरती गई लापरवाही के कारण ही नवजात शिशु की मौत हुई थी।

🔴 अस्पताल के संचालन पर रोक की सिफारिश

​परिषद ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए ‘उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल एक्ट’ के तहत मैडविन हॉस्पिटल के संचालन पर रोक लगाने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, डॉक्टर राकेश नाथ का पंजीकरण 3 साल के लिए निलंबित करने और डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन पर ₹6 लाख का आर्थिक जुर्माना लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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