August 27, 2026

उत्तराखंड भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता “बछेंद्री पाल” ने पूरा किया आदि कैलास दर्शन का सपना, एवरेस्ट साथी दिवंगत रीता गोम्बू को दी अनोखी श्रद्धांजलि,,,

उत्तराखंड भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता “बछेंद्री पाल” ने पूरा किया आदि कैलास दर्शन का सपना, एवरेस्ट साथी दिवंगत रीता गोम्बू को दी अनोखी श्रद्धांजलि,,,

धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता और देश की प्रख्यात पर्वतारोही बछेंद्री पाल इन दिनों सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दौरे पर हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ पर्वतारोहियों के एक विशेष दल के साथ ब्यास घाटी पहुंचने पर स्थानीय होमस्टे संचालकों और ग्रामीणों ने अपनी समृद्ध परंपरा के अनुसार उनका भव्य और जोरदार स्वागत किया। आदि कैलास के दर्शन करने के बाद बछेंद्री पाल ने भावुक होते हुए कहा कि आज उनका वर्षों पुराना और संजोया हुआ सपना आखिरकार साकार हो गया है।

🟢 दो दशक पुराना था आदि कैलास आने का इंतजार

​बछेंद्री पाल ने इस सफर को अपने जीवन के सबसे यादगार और भावुक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने अतीत की यादें साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2004-05 में उन्होंने कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) और टाटा स्टील के सहयोग से इस क्षेत्र के लिए एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की थी। लेकिन ऐन वक्त पर उनकी माता जी की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी थी। तब से वह लगातार इस पावन धरती पर आने का इंतजार कर रही थीं।

🟢 “रीता हमारे बीच नहीं, पर उनका सपना मैंने पूरा किया”

​इस यात्रा के सबसे भावुक पहलू का जिक्र करते हुए बछेंद्री पाल ने कहा कि यह सफर उनकी बेहद करीबी मित्र और एवरेस्ट अभियान की साथी रहीं दिवंगत रीता गोम्बू मारवा को एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया:

​”पिछले वर्ष हम दोनों ने एक साथ आदि कैलास आने की योजना बनाई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश रीता अब हमारे बीच नहीं रहीं। अपनी दिवंगत सहेली के इसी अधूरे सपने को पूरा करने और उन्हें नमन करने के लिए मैंने इस बार शत-प्रतिशत संकल्प के साथ यह कठिन यात्रा पूरी की है।”

 

🟢 सीमांत के सौंदर्य और आत्मीयता की सराहना

​यात्रा के दौरान प्रख्यात पर्वतारोही ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और सीमांत क्षेत्र की अनूठी संस्कृति को करीब से जाना। उन्होंने ब्यास घाटी के अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालय की वादियों और स्थानीय ग्रामीणों के आत्मीय व मेहमाननवाज व्यवहार की जमकर सराहना की। बछेंद्री पाल के इस दौरे से स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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