August 27, 2026

उत्तराखंड मुआवजा लेकर भी कब्जा न छोड़ने वालों पर अब चलेगा बुलडोजर, MDDA ने दी सख्त चेतावनी,,,

उत्तराखंड मुआवजा लेकर भी कब्जा न छोड़ने वालों पर अब चलेगा बुलडोजर, MDDA ने दी सख्त चेतावनी,,,

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। जिन लोगों ने सरकार से मुआवजा (प्रतिकर राशि) ले लिया है, लेकिन फिर भी कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ बलपूर्वक ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई की जाएगी।

​MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राजधानी देहरादून की इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🟢 मुख्य बिंदु

    • बलपूर्वक हटेगा कब्जा: MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और इसके बाद नियमानुसार अवैध रूप से जमे लोगों पर बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
    • जून 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य: परियोजना से जुड़े सभी लंबित निर्माण कार्यों को जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं।
    • रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी: प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए अब हर बुधवार और शनिवार को विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि प्रभावित परिवारों को परेशानी न हो और प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
    • ₹18 करोड़ से हटेंगी बिजली लाइनें: आढ़त बाजार क्षेत्र से विद्युत लाइनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को शिफ्ट करने के लिए शासन द्वारा स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की राशि जल्द ही लोक निर्माण विभाग (PWD) को ट्रांसफर की जाएगी।
    • आलयम आवासीय योजना की समीक्षा: बैठक में एमडीडीए की ‘आलयम आवासीय योजना’ के निर्माण कार्यों को भी जून तक पूरा कर पात्र लाभार्थियों को जल्द ही आवासों का कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए।

🟢 परियोजना का उद्देश्य

आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी।

 

​बैठक में MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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