August 14, 2026

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की उठी मांग, जरूरत पड़ी तो किया जायेगा विचार – पुष्कर सिंह धामी 

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की उठी मांग, जरूरत पड़ी तो किया जायेगा विचार – पुष्कर सिंह धामी 

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक शिव अरोड़ा ने नियम 300 के तहत सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से इस दिशा में कानून बनाने पर विचार करने का आग्रह किया।

इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से देखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर चुकी है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार कई सामाजिक मुद्दे ऐसे होते हैं जिनसे लोगों की भावनाएं गहराई से जुड़ी होती हैं, इसलिए सरकार सभी वर्गों की राय और सुझावों का सम्मान करती है।

मुख्यमंत्री ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के संदर्भ में कहा कि इस विषय पर समाज के अलग-अलग वर्गों के विचार और दृष्टिकोण मौजूद हैं। सरकार इन सभी सुझावों और परिस्थितियों का अध्ययन करेगी और यदि भविष्य में इसकी आवश्यकता महसूस होती है तो इस दिशा में आगे कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टिकोण के साथ सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं। जनसंख्या से जुड़े मुद्दों को भी इसी व्यापक सोच के तहत देखा जाएगा ताकि सभी वर्गों के हित सुरक्षित रह सकें।

वहीं बजट सत्र के पांचवें दिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य के कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की कमी देखी जा रही है और सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही। विपक्ष ने यह भी कहा कि गैस की कालाबाजारी को रोकने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है।

इन आरोपों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जहां-जहां गैस की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।

उन्होंने जनता से यह भी आग्रह किया कि यदि कहीं गैस आपूर्ति से जुड़ी कोई समस्या दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।

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