August 27, 2026

उत्तराखंड हरिद्वार में मृत दंपति की संपत्ति हड़पने के लिए तीन लोगों ने नगर निगम से एक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर तैयार किए फर्जी दस्तावेज, प्राथमिकी दर्ज,,,

उत्तराखंड हरिद्वार में मृत दंपति की संपत्ति हड़पने के लिए तीन लोगों ने नगर निगम से एक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर तैयार किए फर्जी दस्तावेज, प्राथमिकी दर्ज,,,

​हरिद्वार। नगर कोतवाली क्षेत्र में मृत दंपति की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

“नगर कोतवाली क्षेत्र का मामला, न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज”

​पुलिस के अनुसार, मंगल देव त्रिवेदी निवासी एमआईजी एलडीए कॉलोनी ऐशबाग लखनऊ ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी बहन मनोरमा शर्मा और उनके पति डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा विभव वाटिका देवपुरा में रहते थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। जगदीश प्रसाद शर्मा का निधन 26 अक्टूबर 1986 और मनोरमा शर्मा की मृत्यु 27 सितंबर 2019 को हो गई थी।

​उनकी बहन का लखनऊ स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में खाता था, जिसमें करीब 9.65 लाख जमा थे। उनकी हरिद्वार और लखनऊ में संपत्ति भी है। आरोप है कि तीन लोगों ने मिलकर नगर निगम से एक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कराया। इसमें जन्मतिथि 26 जनवरी 1986 दर्ज कराई और माता का नाम मनोरमा शर्मा व पिता का नाम डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा दर्शाया। आरोप है कि वास्तविक जन्म प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 27 जनवरी 1985 और पिता का नाम इंद्रदेव दर्ज है। दावा किया कि इसके बाद अन्य कूटरचित दस्तावेज भी तैयार किए। दस्तावेजों के आधार पर मनदीप सिंह ने खुद को मनोरमा शर्मा और डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा का पुत्र साबित करने का प्रयास किया।

​आरोप है कि फर्जी आधार कार्ड और राशन कार्ड में भी पिता के रूप में डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा का नाम दर्ज कराया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एसडीएम कार्यालय हरिद्वार से उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिया। दस्तावेजों के आधार पर दंपती की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश कर रहे हैं। स्रोतों सिटी शिखापाल मनदीप सिंह, इंद्रदेव त्रिवेदी, अलका त्रिवेदी निवासी हरियाणियन जिला बरेली हाल निवास वाटिका देवपुरा हरिद्वार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🔴 कारोबारी का खाली चेक चुराने और फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

​ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का मामला, कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज, ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में कारोबारी का खाली चेक चोरी कर उसमें चार लाख रुपये की रकम भरने और फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक में लगाने का मामला सामने आया है।

​ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में अगस्त 2025 में उसकी मां की कार की चाबी चोरी कर कार भी चुरा ली थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महेश को गिरफ्तार किया था।

​कारोबारी ने एक युवक और उसकी मां पर चेक का दुरुपयोग कर पुराने कार चोरी के मामले में समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​पुलिस के अनुसार, कनखल निवासी करण गुप्ता ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके माता-पिता की आवास विकास स्थित मॉडर्न कॉलोनी में प्रस्तुत एक दुकान थी, जिसे उसकी मां ने मार्च 2025 में बंद कर दिया था। आरोप है कि दुकान पर मदद के लिए आने वाले महेश कुमार ने समझौते का दबाव बनाया। परिवार ने समझौते का दबाव बनाया कि समझौते नहीं होने पर महेश ने दुकान से करार के नाम का खाली चेक चोरी कर लिया और अपने मां अंगूरी के साथ फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख रुपये भरकर बैंक में लगा दिया। चेक 3 नवंबर 2025 को बैंक में लगाया गया, लेकिन अनादर हो जाने पर बैंक से सूचना मिलने पर करन ने बैंक को प्रति हासिल की। कोर्ट के आदेश पर चौहान ने प्रति हासिल कर जांच शुरू कर दी है।

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