उत्तराखंड हरीश रावत के मानने पर भी नही माने कांग्रेस नेता मयूख महर, पहले माफी मांगे करण माहरा तभी चलेगा साथ,,,,,,

पिथौरागढ़: आज बाखली बारात में माननीय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी के साथ एक चर्चा हुई। माननीय पूर्व सीएम साहब ने बहुत देर कर दी आते-आते…..इस उम्र में आपका जज्बा आपका संघर्ष काबिले गौर है। उत्तराखंड में भीष्म पितामह आपको ऐसे ही नहीं कहा जाता। भीष्म पितामह ने पांडव व कौरवों युद्ध में मौन साध लिया।

अब मे नगर निकाय चुनाव की बात करूं तो प्रदेश अध्यक्ष ने सुभाष चौक में मेरे ही लोगों के बीच गलत शब्दों का प्रयोग किया। पिथौरागढ़ के लोगों का अपमान किया। जब पूरे उत्तराखंड में विधायकों के राय के अनुसार कैंडिडेट चुने जा रहे थे तब पिथौरागढ़ में ऐसा क्यों नहीं किया गया। मैं भी स्वतंत्रता सेनानी परिवार से आता हूं संघर्ष करना मेरे खून में है। एक बात और लड़ाई,संघर्ष करना मैंने रावत जी भी आपसे ही सीखा है। सरकार व प्रशासन ने मिलकर यह धोका किया है वरना यह नतीजा हमारे पक्ष में होता।
उन्होंने कहा अपने स्वाभिमान के लिए जब तक प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा है। तब तक मैं इस कांग्रेस में नहीं हूं मैं यह भी आपको आस्वस्त करता हूं कि पिथौरागढ़-चंपावत की 6 सीटों में 2027 में हमारे प्रत्याशी लड़ेंगे और वह जीतेंगे। मैं पिथौरागढ़ की आवाज बनकर हमेशा हमेशा लड़ता रहूंगा।



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