August 12, 2026

आईजी रैंक से डीआईजी प्रतिनियुक्ति पर रोक, CAT से आईपीएस नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को अंतरिम राहत,,,,

आईजी रैंक से डीआईजी प्रतिनियुक्ति पर रोक, CAT से आईपीएस नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को अंतरिम राहत,,,,


देहरादून: उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) से बड़ी राहत मिली है। अधिकरण ने केंद्र सरकार द्वारा जारी उनकी प्रतिनियुक्ति (Deputation) से जुड़े आदेशों पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों को फिलहाल केंद्र में एक रैंक नीचे डीआईजी पद पर तैनाती से छूट मिल गई है।
दरअसल, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 5 मार्च 2026 को आदेश जारी कर 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में उप महानिरीक्षक (DIG) और 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था। इसके अगले दिन 6 मार्च को उत्तराखंड सरकार ने भी दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए थे।
हालांकि, दोनों अधिकारी वर्तमान में राज्य में पुलिस महानिरीक्षक (IG) रैंक पर कार्यरत हैं। ऐसे में उन्होंने डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति को “प्रोफेशनल डिमोशन” बताते हुए इसका विरोध किया। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने न तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया और न ही इसके लिए सहमति दी थी, जबकि उन्हें पहले ही केंद्रीय सेवाओं में जाने से कुछ समय की छूट मिली हुई थी।
इन आदेशों के खिलाफ दोनों अधिकारियों ने पहले नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन वहां से तत्काल राहत नहीं मिलने पर अदालत ने उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जाने की सलाह दी। इसके बाद CAT में सुनवाई के दौरान अधिकरण ने केंद्र सरकार के आदेश पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी।
CAT ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह चार सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया, नियमों और संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना जवाब दाखिल करे। फिलहाल अधिकरण के आदेश के बाद दोनों अधिकारी अगले आदेश तक उत्तराखंड में अपने आईजी पद पर बने रहेंगे। अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार के पक्ष और नियमों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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