August 18, 2026

उत्तराखंड ऋषिकेश में हुआ दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार में आ रहा था करंट पानी में उतरने से मां और उसकी दो साल की बेटी की मौके पर मौत,,,

उत्तराखंड ऋषिकेश में हुआ दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार में आ रहा था करंट पानी में उतरने से मां और उसकी दो साल की बेटी की मौके पर मौत,,,

ऋषिकेश: ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में रविवार शाम बिजली विभाग की भारी लापरवाही के चलते एक हृदयविदारक हादसा हो गया। सड़क पर टूटे पड़े बिजली के तार के करंट से जलभराव वाले पानी में फैल जाने के कारण 26 वर्षीय सुमन और उसकी दो साल की मासूम बेटी सृष्टि की दर्दनाक मौत हो गई।

​घटना के समय सुमन अपने बच्चों के साथ बाजार से घर लौट रही थी। खदरी क्षेत्र में सड़क पर पहले से पानी भरा हुआ था, और उसी पानी में ऊपर से टूटकर गिरा हुआ बिजली का तार करंट छोड़ रहा था। जैसे ही सुमन का पैर पानी में पड़ा, वह अचानक गिर गई और उसकी मासूम बेटी भी उसकी चपेट में आ गई।

​मां और बहन को अचानक गिरता देख सुमन का बेटा घबरा गया और दौड़कर परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश ले गए, जहां चिकित्सकों ने मां और बेटी दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि करंट लगने के बाद दो वर्षीय सृष्टि ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया था।

​इस दर्दनाक घटना के बाद एम्स ऋषिकेश में परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती या तार हटा लिया जाता, तो यह जान नहीं जाती।

​हंगामे के बाद बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता शक्ति सिंह ने पीड़ित परिवार के लिए 8 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। हालांकि, ग्रामीण इस मुआवजे से संतुष्ट नहीं हुए और इसे नाकामी बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद महज मुआवजा देकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान ने इसे “मौत की कीमत तय करना” करार दिया।

​बढ़ते आक्रोश को देखते हुए ऋषिकेश की एसडीएम कुमकुम जोशी ने स्थिति को संभाला। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही के कारण समय पर कार्रवाई नहीं हुई, उन्हें चिह्नित कर निलंबित किया जाएगा और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​फिलहाल इस हादसे ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और परिजन लगातार निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

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