उत्तराखंड के टिहरी कोटीगाड़ गांव में लोगों ने ‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम का शंखनाद, नियम तोड़ने पर लगेगा ₹51,000 का जुर्माना,,,,

टिहरी गढ़वाल। समाज को नशे की कुरीतियों से मुक्त करने और नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार देने के उद्देश्य से जनपद के ग्राम पंचायत कोटीगाड़ ने एक मिसाल पेश की है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत भवन में ग्राम प्रधान शीला देवी की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव के भीतर शराब के सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
मांगलिक कार्यों में शराब पर पूर्ण पाबंदी
बैठक में सामाजिक वातावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए यह तय किया गया कि शादी-ब्याह या किसी भी अन्य मांगलिक आयोजन में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। गांव के भीतर कोई भी व्यक्ति न तो शराब पिएगा और न ही किसी को पिलाएगा। बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी गांव में शराब लाने या बेचने पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
भारी जुर्माने का प्रावधान
नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए पंचायत ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर ₹51,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही शुभ अवसरों पर अनावश्यक दिखावे और फिजूलखर्ची को कम करने पर भी सहमति बनी।
’ग्राम समाज सुधार समिति’ का गठन
इस मुहिम को धरातल पर उतारने और निरंतर निगरानी के लिए ‘ग्राम समाज सुधार समिति, कोटीगाड़’ का गठन किया गया है। समिति की जिम्मेदारी निम्नलिखित पदाधिकारियों को सौंपी गई है:
- अध्यक्ष: सीता देवी
- उपाध्यक्ष: बर्फ सिंह नेगी
- सचिव: नीमा देवी
- सह सचिव: सुषमा रावत
- कोषाध्यक्ष: विजला देवी इसके अतिरिक्त विभिन्न वार्डों से उर्मिला देवी, विनीता देवी, ललिता देवी, सुनीता रावत, रविंद्र रावत, अनीता देवी, शीला देवी, रेखा देवी और त्रिलोक सिंह पुंडीर को सदस्य मनोनीत किया गया है।
संस्कारित समाज के निर्माण की अपील
‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। इसे जन-आंदोलन बनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। ग्राम प्रधान शीला देवी ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए इसे गांव के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम बताया।
बैठक में जगदीश बडोनी, लक्ष्मी बहुगुणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष उपस्थित रहे, जिन्होंने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

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