August 8, 2026

उत्तराखंड, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, यूपी-उत्तराखंड के बीच एमओयू को मंजूरी, धार्मिक पर्यटन और व्यापार को मिलेगी रफ्तार,,,

उत्तराखंड, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, यूपी-उत्तराखंड के बीच एमओयू को मंजूरी, धार्मिक पर्यटन और व्यापार को मिलेगी रफ्तार,,,

हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे को अब धार्मिक नगरी हरिद्वार तक जोड़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है, जिसे दोनों राज्यों की कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। एक्सप्रेसवे के निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के पास है।

🟢 30 किलोमीटर लंबा होगा बिजनौर से जुड़ने वाला मार्ग

​शासन के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने दोनों राज्यों के बीच इस परियोजना पर सहमति बनी थी। यह नया मार्ग बिजनौर से होते हुए लगभग 30 किलोमीटर लंबा होगा।

🟢 उत्तराखंड पर नहीं पड़ेगा वित्तीय भार

​इस एमओयू में दोनों राज्यों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। राहत की बात यह है कि इस निर्माण कार्य का कोई भी वित्तीय भार उत्तराखंड सरकार पर नहीं पड़ेगा। इसके बदले उत्तराखंड सरकार परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग (यूटिलिटी हटाने) में सहयोग करेगी। इस समझौते से जुड़े दोनों एमओयू को पिछले महीने ही अंतिम रूप दे दिया गया था, जिसे विचलन के माध्यम से कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है।

🟢 विकास को मिलेगी नई गति

​हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूरे क्षेत्र को एक नई गति मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इससे निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष लाभ होगा:

  • धार्मिक पर्यटन: देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
  • औद्योगिक निवेश और व्यापार: बेहतर सड़क नेटवर्क मिलने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
  • रोजगार सृजन: आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

​इस संबंध में दोनों राज्यों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ हरिद्वार जिला प्रशासन के अधिकारियों की भी कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, जिससे परियोजना के जल्द जमीन पर उतरने की उम्मीद है।

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