July 15, 2026

उत्तराखंड ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 71.33 लाख से अधिक वोटर शामिल, 19 लाख से ज्यादा नामों में मिली विसंगतियां, सुधारने के लिए मिलेगा एक और मौका,,,,

उत्तराखंड ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 71.33 लाख से अधिक वोटर शामिल, 19 लाख से ज्यादा नामों में मिली विसंगतियां, सुधारने के लिए मिलेगा एक और मौका,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के पहले चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के कुशल निर्देशन में संचालित की जा रही इस प्रक्रिया के तहत, वर्तमान में राज्य के कुल 71,33,785 मतदाताओं के नाम इस ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं।

​अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुनरीक्षण की यह पूरी कार्रवाई 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि को आधार मानकर की जा रही है।

🟢 निर्वाचन प्रक्रिया का क्रोनोलॉजिकल सफरनामा

​प्रदेश में इस विशेष अभियान के तहत तय समय सीमा के भीतर विभिन्न चरणों को पूरा किया गया है, जो इस प्रकार है:

  • 8 जून से 7 जुलाई: प्रदेश भर में गणना पत्रों का वितरण और उनका शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण कार्य पूरा किया गया।
  • 14 जुलाई: ड्राफ्ट मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन किया गया।
  • 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026: मतदाताओं को फार्म-6 (नया नाम जोड़ने हेतु), फार्म-7 और फार्म-8 के माध्यम से अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है। (ध्यान रहे कि फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य है)।
  • 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026: प्राप्त नोटिसों पर सुनवाई की जाएगी और सभी दावों व आपत्तियों का पूरी तरह निस्तारण किया जाएगा।
  • 15 सितंबर 2026: राज्य की अंतिम (फाइनल) मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

🟢 मतदान केंद्रों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

​मतदाताओं की सुविधा और सुगम मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्य में पोलिंग बूथों का दायरा बढ़ाया है। पहले प्रदेश में कुल 11,733 मतदान केंद्र थे, जिन्हें अब विस्तारित कर 12,543 कर दिया गया है।

🔴 19 लाख मामलों में विसंगतियां; न्याय पंचायत स्तर पर लगेंगे कैंप

​डॉ. जोगदंडे ने एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि मौजूदा ड्राफ्ट सूची में शामिल कुल मतदाताओं में से करीब 19 लाख मामलों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां (त्रुटियां) पाई गई हैं। निर्वाचन विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है:

अहम कदम: इन विसंगतियों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) द्वारा प्रभावित मतदाताओं को विधिवत नोटिस जारी किए जाएंगे।

 

​आम जनता को सुनवाई के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए विभाग ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है:

  1. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: न्याय पंचायत स्तर पर विशेष ‘क्लस्टर कैंप’ आयोजित किए जाएंगे।
  2. शहरी व मैदानी क्षेत्रों के लिए: तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष कैंपों का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिक अपनी आपत्तियों का निस्तारण करवा सकेंगे।
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